तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, कहा- 'वोटों की चोरी' हो रही है
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का काम सिर्फ़ भाजपा को चुनाव जिताना रह गया है और देश…
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का काम सिर्फ़ भाजपा को चुनाव जिताना रह गया है और देश में 'वोटों की चोरी' हो रही है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पटना में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग वही करता है जो भारतीय जनता पार्टी चाहती है। उन्होंने कहा कि उनकी असली लड़ाई भाजपा और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ है।
चुनाव प्रक्रिया और आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया और उन्हें मिले कानूनी संरक्षण पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति भी पद से हटने के बाद कार्रवाई का सामना कर सकते हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकती।"
इसके अलावा, उन्होंने दो बड़े बदलावों का मुद्दा उठाया:
- चयन पैनल: मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाले चयन पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर एक केंद्रीय मंत्री को शामिल कर लिया गया है।
- रिकॉर्ड रखने की अवधि: वोट से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि को एक साल से घटाकर सिर्फ 45 दिन कर दिया गया है।
तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष इन बदलावों के खिलाफ जनता के बीच जाएगा और अन्याय के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेगा।
बिहार की समस्याओं पर सरकार को घेरा
राजद नेता ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि लोग सरकार से नाराज़ हैं और उनमें आक्रोश है। तेजस्वी ने कहा कि जब वोट का ही महत्व नहीं रहेगा, तो सरकार जनता की समस्याओं की परवाह क्यों करेगी।
उन्होंने राज्य में बाढ़ और सूखे की दोहरी मार का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की फसल बर्बाद हो गई है, लेकिन उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा को बिहार की जनता याद आती है और चुनाव खत्म होते ही उसे भुला दिया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार का खजाना खाली कर दिया गया है और राज्य कर्ज पर चल रहा है।
बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और अपराध के मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और चेतावनी दी कि बेरोजगारी के कारण आने वाले समय में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
इनपुट: IANS



