महाराष्ट्र: वित्त और नियोजन विभाग पर NCP का दावा बरकरार, अनिल पाटिल बोले- 'यह हमारा हक है'
महाराष्ट्र में बजट सत्र से पहले महायुति सरकार के भीतर विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। अजित पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक बार फिर वित्त और नियोजन विभाग पर अपना…
महाराष्ट्र में बजट सत्र से पहले महायुति सरकार के भीतर विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। अजित पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक बार फिर वित्त और नियोजन विभाग पर अपना दावा दोहराया है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में एनसीपी विधायक और पूर्व मंत्री अनिल पाटिल ने इसे पार्टी का "हक" बताया, न कि कोई नई मांग।
जलगांव में हुई इस बातचीत के दौरान पाटिल ने स्पष्ट किया कि 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद हुए मंत्रिमंडल गठन में तय फॉर्मूले के तहत ही वित्त और नियोजन, दोनों विभाग NCP के हिस्से में आए थे। उन्होंने कहा, "इसलिए यह विभाग आगे भी पार्टी के पास ही रहना चाहिए।"
देवगिरी बंगले पर बैठक और मुख्यमंत्री से मुलाकात
इस मुद्दे पर हलचल तब बढ़ी जब देवगिरी बंगले पर एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक हुई। इसके बाद पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। अनिल पाटिल के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को वित्त विभाग और नियोजन विभाग मिला था। अब मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पोर्टफोलियो दोबारा एनसीपी को मिलना चाहिए।"
हालांकि, पाटिल ने यह भी जोड़ा कि उन्हें वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई चर्चा की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन यह मांग काफी समय से लंबित है। उन्होंने कोर कमेटी की बैठक को एक "नियमित प्रक्रिया" बताया जो हर 8-15 दिनों या महीने में होती रहती है।
अन्य चुनावी मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना
अनिल पाटिल ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के पीछे विभागों के बंटवारे के अलावा अन्य वजहें भी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में विधान परिषद चुनाव, जिला सहकारी बैंकों के चुनाव और आगामी जिला परिषद व पंचायत समिति जैसे स्थानीय निकाय चुनावों पर भी चर्चा संभव है।
इनपुट: IANS



