उत्तराखंड के प्रमुख दर्शनीय स्थलों चोपटा, कनातल और पाताल भुवनेश्वर की सैर
Chopta, Kanatal, Patal Bhuvaneshwar: लोग जानते ही है की उत्तराखंड, भारत के सबसे सुन्दर राज्यों में से एक है ।
Chopta, Kanatal, Patal Bhuvaneshwar: लोग जानते ही है की उत्तराखंड, भारत के सबसे सुन्दर राज्यों में से एक है । उत्तराखंड को देव भूमि भी बोला जात है क्योंकि यह मंदिरो से भारा है जैसे हरिद्वार, नंदादेवी, केदारनाथ, बद्रीनाथ और ऐसे हज़ारों छोटे बड़े मन्दिर है उत्तराखंड मेँ लेकिन मंदिरो के अलावा यह अपनी ख़ूबसूरती के लिए भी जाना जाता है.
बात की जाए घूमने की तो भारत के उत्तराखंडफ में सबसे ज़यादा लोग घूमने आते है और यहा की सबसे ज़यादा इनकम भी ट्रेवल इंडस्ट्री में से ही आती है. नैनीताल, अल्मोड़ाः जिम कॉर्बेट जैसे जगह तोह हम सबके बीच में काफी ही मशहूर है लेकिन ऐसे काफी साडी छुट्टी की जगह है जहाँ लोग नहीं घूमे होंगे और शयद उनको इन जगहों के बारे में पता भी नहीं हो। तो इस आर्टिकल में हम आपजो ऐसे ही उत्तराखंड में स्थित ३ खूबसूरत स्थानों के बारे में बताएँगे.
चोपता/ CHOPTA

Chandrasheila Peak 
Chopta
- चोपता बेशक ही भारत में सबसे हटकर है। यहा आपको हिमालय बर्फ से ढके पहाड़ और घने जंगलो के नज़ारे देखने को मिलेंगे। रोड ट्रीप के लिए भी चोपता बहुत ही अच्छी और सुकून से रहेगी।
- दिल्ली और हरिद्वार से चोपता आसानी से पहुंच सकते है। दिल्ली से चोपता 408 Km दूर है और यहाँ आप अपनी गाड़ी से या फिर बस से भी पहुंच सकते है

Tungnath Temple 
Tungnath Temple 
Chandrashiela Peak
- अगर आपको बर्फ बहुत पसंद है तो चोपता बस आपके लिए बिलकुल उत्तम है। हिमालय से ढके पहाड़ आपको यहाँ मनमोहित कर देंगे
- ओवरनाइट कैंपिंग के लिए बहुत सुन्दर जगह है। अगर आप कोई ऐसी जगह जाना जाते है जो काफी हट कर है तो चोपता ज़रूर जाए। कैंपिंग के अलावा चोपता से कुछ ही दूरी पर तुंगनाथ मंदिर है जो भगवान शिव का सबसे ऊँचा मंदिर है. यह मंदिर 12000 फुट की ऊंचाई पर है। तुंगनाथ से कुछ ही चंद्रशिला पीक है जहाँ से नज़रो की जितनी तारीफ की जाये उतनी काम है। चंद्रशिला पर लोग मैडिटेशन करने के लिए आते है. यह जगह बहुत ही शांतिपूर्ण है.
कनातल / KANATAL
- देहरादून से सिर्फ 80 KM दूर, कानाताल कपल्स के लिए बहुत सुन्दर जगह है। यहाँ आपको कभी भी बहुत ज़यादा भीड़ नहीं मिलेगी और यही वजह है कानाताल उत्तराखंड के अनन्वेषित जगहों में से एक है और इसी कारन यहाँ बेरोज़गारी भी बहुत है। कानाताल हैरतअंगेज दृश्य, हार्दिक आतिथ्य और रोमांस से भरपूर है।
- पहाड़ो के बीच बसा कानाताल शांति से भरपूर एक ऐसा स्थान है जहाँ आप अपनी शहरी ज़िन्दगी से ब्रेक लेने और परिवार के साथ एक अच्छा समय बिताने के लिए जा सकते है

The Kanatal Orchids 
Surkanda Devi Temple
- सबसे पहले आता है यहाँ का सुरकंडा देवी मंदिर। ऐसा मन गया है की यहाँ हिन्दू देवी सती की मृत्यु के बाद जब भगवान शिव उनको कैलाश ले जा रहे थे तो सती माता का सर यहीं गिरा था जिस वजह से यहाँ काफी श्रधालु घूमने आते है।
- उसके अलावा ट्रैकिंग और कैंपिंग के लिए यह काफी अच्छी जगह है। अडवेंचरस स्पोर्ट्स जैसे रोप क्लाइम्बिंग से आप अपनी छुट्टियों को और भी यादगार बना सकते है।

Tehri Lake 
Kanatal Jungle Safari 
Water Sport in Tehri Lake
- जंगल जान जीवन को कौन नहीं देखना चाहता। अगर आप भी प्रकृति और वन्य जीवन को देखना पसंद करते है तो कानाताल की जंगल सफारी ज़रूर करे। इधर आपको बहुत से ऐसे जानवर देखने को मिलेंगे जो शयद आप अपनी सिटी लाइफ में नहीं देख पाते होंगे।
- इतना ही नहीं कानाताल में टेहरी लेक भी है जहाँ आप पहाड़ो का आनंद उठा सकते है। पहाड़ो के बीचो बीच यह लेक आपको अपनी रोज़ाना ज़िन्दगी के स्ट्रेस से एकदम दूर लेके जायेगा। यहाँ आप बोटिंग और जेट स्की भी कर सकते है. परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए बिलकुल उम्दा जगह है।
पातल भुवनेश्वर / PATAL BHUVANESHWAR

Patal Bhuvaneshwar Cave 
Enterance of Patal Bhuvaneshwar
- शिव भगवान् के निवास को पातल भुवनेश्वर कहा गया है। यह जगह एक छुपा हुआ खज़ाना है। पातल भुवनेश्वर अपनी गुफा के लिए जाना जाता है जो मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है, यहाँ ऐसा भी मन जाता है की यह गुफा ३३ करोड़ देवी-देवताओ का निवास है. पातल भुवनेश्वर को सिर्फ इस गुफा के रेहसमय गुफा के लिए ही नहीं बल्कि इसके आस पास के शांत वातावरण मंत्रमुग्ध कर देने वाला है।
- यहाँ पहुंचने के लिए आपको पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट से सिर्फ 13 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी।

Cave 
Pahadi Food 
Cave
- यह गुफा ज़मीन के 90 फुट नीचे है और 130 वर्ग मीटर की यह पूरी गुफा है जिसमे प्रकृति ने अपनी कलाकृतियां रची है। यह गुफा कितनी ही गहरी है उतनी ही दिलचस्प है। ऐसे मन गया है कि दुनिया की रचना यही से करी गयी थी. अब तोह पूरी कहानी आप यही आ कर समझ सकते है.
- गुफा के अलावा यहाँ कहीं रेस्ट्रॉन्ट्स है जहाँ आप ऑथेंटिक पहाड़ी ज़ाइक़े के मज़े ले सकते है और यहाँ घूमने क लिए आपको सिर्फ आधा दिन ही चाइये।



