विवादों में घिरे USS लिंकन के बाद, अब USS जॉर्ज वॉशिंगटन मध्य पूर्व में तैनात
अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की लंबी और विवादित तैनाती के बाद, अब यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने मध्य पूर्व में अपनी जगह ले ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल…
अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की लंबी और विवादित तैनाती के बाद, अब यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने मध्य पूर्व में अपनी जगह ले ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने गुरुवार को इस नई तैनाती की घोषणा की।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर के साथ जानकारी दी, "जॉर्ज वॉशिंगटन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सेंटकॉम क्षेत्र में पहुंचने के बाद, तय तैनाती के तहत मिडिल ईस्ट में काम कर रहा है।" यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यूएसएस लिंकन पर नौसैनिकों की मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
लंबी तैनाती और मानसिक स्वास्थ्य पर विवाद
यूएसएस अब्राहम लिंकन पर करीब 5,000 सैन्यकर्मी तैनात थे और यह पोत 260 से ज्यादा दिनों तक समुद्र में रहा, जो वियतनाम युद्ध के बाद सबसे लंबी तैनाती में से एक थी। इस दौरान जहाज पर तैनात कुछ नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक खबरें सामने आई थीं, जिनमें समुद्र में कूदने की कोशिश करने के दावे भी शामिल थे।
इन रिपोर्टों के बाद अमेरिकी सांसदों और सैन्य परिवारों ने लंबी तैनाती के असर की जांच की मांग की थी। हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने आत्महत्या की प्रवृत्ति में किसी भी तरह की वृद्धि की पुष्टि नहीं की और रक्षा विभाग ने कुछ रिपोर्टों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया था।
सांसदों ने उठाए थे गंभीर सवाल
हाल ही में, सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ को एक लंबी चिट्ठी लिखी थी। तीन पन्नों की इस चिट्ठी में उन्होंने यूएसएस लिंकन पर खराब परिस्थितियों, आपूर्ति की कमी, प्लंबिंग की समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर जवाब मांगा था। उन्होंने पूछा था कि विभाग "सैनिकों को लेकर वो क्या कर रहा है?"
सीनेटर ने अपनी चिट्ठी में तैनाती, तैयारी और सैनिकों के स्वास्थ्य से जुड़े कुल 6 सवाल पूछे थे। दूसरी ओर, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि जहाज की तैनाती उनके हिसाब से "काफी लंबी नहीं है और उनके हिसाब से पर्याप्त भी नहीं है।"
इनपुट: IANS



