विदेशी ऑनलाइन ठगी के खिलाफ अमेरिका की पहली 'साइबर-जंग', ट्रंप प्रशासन ने शुरू की आक्रामक कार्रवाई
अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले विदेशी ऑनलाइन ठगी नेटवर्क और स्कैम सेंटरों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने पहली बार आक्रामक साइबर कार्रवाई शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की…
अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले विदेशी ऑनलाइन ठगी नेटवर्क और स्कैम सेंटरों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने पहली बार आक्रामक साइबर कार्रवाई शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य ऐसे नेटवर्क को खत्म करना, बाधित करना और निष्क्रिय करना है, जो अमेरिकी नागरिकों की जीवन भर की बचत और रिटायरमेंट फंड को लूट रहे हैं।
बुधवार को व्हाइट हाउस में साइबर अपराध पर हुई एक बैठक में, डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताया, "आपके हस्ताक्षर वाले कार्यकारी आदेश के बाद पहली बार हम विदेशी स्कैम सेंटरों को खत्म करने, बाधित करने और निष्क्रिय करने के लिए आक्रामक साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं किया गया था।" मिलर ने यह भी कहा कि इस कदम से ट्रंप ने प्रभावी रूप से साइबर अपराधियों के खिलाफ 'साइबर युद्ध' छेड़ दिया है।
वरिष्ठ नागरिक सबसे बड़े निशाने पर
होमलैंड सिक्योरिटी के सचिव मार्कवेन मुलिन ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी का सबसे बुरा असर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों पर पड़ा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "सिर्फ 2025 में 60 वर्ष से अधिक उम्र के अमेरिकी नागरिक साइबर अपराधों में 7.7 अरब डॉलर गंवा चुके हैं। कई लोगों की पूरी रिटायरमेंट बचत खत्म हो गई है।"
स्टीफन मिलर ने 'ग्रैंडपेरेंट स्कैम' का उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे ठग काम करते हैं। उन्होंने कहा, "किसी दादा-दादी या माता-पिता को फोन आता है कि उनका कोई प्रियजन गिरफ्तार हो गया है और उसे जेल से छुड़ाने के लिए तुरंत 10,000 डॉलर भेजने होंगे, जबकि वास्तव में कोई गिरफ्तार नहीं हुआ होता और पैसा सीधे किसी विदेशी स्कैम सेंटर के पास पहुंच जाता है।" राष्ट्रपति ट्रंप ने भी बुजुर्गों की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें ऐसे संदिग्ध कॉल आने पर परिवार के भरोसेमंद सदस्यों से संपर्क करने की सलाह दी।
सरकारी एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान में कई प्रमुख अमेरिकी एजेंसियां शामिल हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, इसमें अमेरिकी 'साइबरकॉम' और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) अपनी उन्नत तकनीकी क्षमताओं का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा, "हम विदेशी साइबर नेटवर्कों से जुड़ी खुफिया जानकारी और ट्रैकिंग डेटा सीधे नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर और होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स को दे रहे हैं।" हेगसेथ ने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी गिरोहों और कुछ दुश्मन देशों की सैन्य ताकतों के बीच संबंध दिखाई देते हैं, हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया।
सेक्सटॉर्शन और बाल शोषण पर भी निशाना
बैठक में ऑनलाइन बाल शोषण और युवाओं को निशाना बनाने वाले सेक्सटॉर्शन गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की भी जानकारी दी गई। मुलिन ने बताया कि सीक्रेट सर्विस ने 14,600 बाल शोषण से जुड़े वीडियो और 35,600 से अधिक तस्वीरें बरामद की हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार उन गिरोहों के खिलाफ भी आक्रामक है जो युवाओं को सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाते हैं, जिसके कारण कई पीड़ितों की जिंदगी बर्बाद हो गई और कुछ ने आत्महत्या तक कर ली। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने भी पुष्टि की कि सरकार इस खतरे से सीधे मुकाबला कर रही है।
इनपुट: IANS



