जयपुर: धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग का मामला, ED ने दो ठिकानों पर मारे छापे
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जयपुर में विदेशी चंदे के दुरुपयोग और धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने शुक्रवार को जयपुर में दो स्थानों…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जयपुर में विदेशी चंदे के दुरुपयोग और धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने शुक्रवार को जयपुर में दो स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला करीब 2.88 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग के अवैध इस्तेमाल से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर धर्म परिवर्तन और प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
ईडी ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी कि यह जांच 'विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999' (FEMA) के प्रावधानों के तहत शुरू की गई है। एजेंसी को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक प्रोटेस्टेंट मिशनरी पादरी रवि मोहन पहाड़िया अवैध रूप से विदेशी चंदा हासिल कर रहे थे।
क्या हैं आरोप?
जांच के मुताबिक, रवि मोहन पहाड़िया और उनकी पत्नी गुंजन शर्मा को कुल मिलाकर लगभग 2.34 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली। यह रकम मुख्य रूप से अमेरिका के निवासी थॉमस यूजीन लिंच से प्राप्त हुई थी। इस पैसे को बिजनेस कंसल्टेंसी, जनसंपर्क सेवाओं और पारिवारिक खर्चों के लिए अनिवासी भारतीयों से मिली राशि के रूप में दिखाया गया था।
एजेंसी का आरोप है कि इस फंडिंग का इस्तेमाल जयपुर में एससी-वाल्मीकि समुदाय और दक्षिण राजस्थान के आदिवासी इलाकों में एसटी-भील समुदाय के बीच धर्मांतरण और मिशनरी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
छापेमारी में क्या मिला?
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि पहाड़िया ने FCRA की मंजूरी के बिना, गलत उद्देश्य बताकर दान के रूप में कुल 2.88 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग हासिल की। इस रकम का उपयोग उन्होंने निजी खर्चों, विदेश यात्राओं और अपने नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए किया। शुरुआती जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि वह विदेशी नागरिकों के नियमित संपर्क में थे और उनके निर्देश पर विभिन्न राज्यों में वंचित और आदिवासी लोगों के बीच धार्मिक सभाएं आयोजित करते थे।
इनपुट: IANS



