उत्तर प्रदेश: आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नए निगम का शुभारंभ, सीएम योगी ने गिनाए फायदे
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा और प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने…
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा और प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' (UPCOS) का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का भी अनावरण किया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "लखनऊ में आज संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का शुभारंभ होगा।" अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि तकनीक से पारदर्शिता, व्यवस्था से सुरक्षा और हर कर्मी के श्रम को सम्मान देना ही 'नए उत्तर प्रदेश' की पहचान है।
क्या है सरकार की योजना?
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी को न्यूनतम मानदेय मिले और उसे हर तरह की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी दी जाए। इसके लिए बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान पहले ही कर दिया गया है। बयान के अनुसार, सरकार ने एक आउटसोर्सिंग कमीशन का भी गठन किया है और इस दिशा में जल्द ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार और कोटेदारों के प्रोत्साहन और मानदेय में वृद्धि के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है।
परिवहन निगम में बढ़ा मानदेय
यह कदम सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में लिए जा रहे फैसलों की कड़ी में नया है। इससे पहले अगस्त महीने में, योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार, यह बढ़ोतरी कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार-सह-टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के पदों पर की गई थी। इस फैसले से परिवहन निगम के 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों, 35 लेखाकारों और 26 प्रोग्रामरों को सीधा लाभ मिला है।
इनपुट: IANS



