उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों का मामला: यूक्रेन से विवाद के बीच दक्षिण कोरिया ने अपने राजदूत को वापस बुलाया
यूक्रेन और दक्षिण कोरिया के बीच एक राजनयिक विवाद गहरा गया है, जिसके चलते सियोल ने कीव में तैनात अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। यह पूरा मामला दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को गोपनीय तरीके से दक्षिण…
यूक्रेन और दक्षिण कोरिया के बीच एक राजनयिक विवाद गहरा गया है, जिसके चलते सियोल ने कीव में तैनात अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। यह पूरा मामला दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को गोपनीय तरीके से दक्षिण कोरिया भेजे जाने की जानकारी सार्वजनिक होने से जुड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि राजदूत पार्क की-चांग शनिवार को स्वदेश लौट आए हैं।
हालांकि, दक्षिण कोरिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को सुलझाने के लिए यूक्रेन के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है। राजदूत को वापस बुलाना एक दुर्लभ राजनयिक कदम माना जाता है, जो किसी देश द्वारा अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करने के लिए उठाया जाता है। इससे पहले दक्षिण कोरिया ने 2008 में जापान के साथ एक विवाद के दौरान ऐसा कदम उठाया था।
विवाद की जड़ और गोपनीयता का समझौता
इस राजनयिक तनातनी की शुरुआत पिछले महीने तब हुई, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए यह खुलासा कर दिया कि दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया भेज दिया गया है। दक्षिण कोरिया का कहना है कि दोनों देशों के बीच इस संवेदनशील जानकारी को गोपनीय रखने पर सहमति बनी थी। सियोल के मुताबिक, यह गोपनीयता उन सैनिकों और उत्तर कोरिया में रह रहे उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी थी।
इन दोनों उत्तर कोरियाई सैनिकों को यूक्रेनी सेना ने जनवरी 2025 में रूस के कुर्स्क क्षेत्र में पकड़ा था, जहाँ वे रूसी सेना की तरफ से लड़ रहे थे। बाद में, वे सितंबर 2026 के मध्य में दक्षिण कोरिया पहुँचे। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने यह भी बताया कि इस मामले को गोपनीय रखने का अनुरोध शुरुआत में यूक्रेन की ओर से ही किया गया था।
दोनों देशों का पक्ष और आगे की राह
दूसरी ओर, यूक्रेन ने ऐसे किसी भी गोपनीयता समझौते से इनकार किया है, जिससे दोनों देशों के बीच मतभेद और बढ़ गए हैं। इस खुलासे के बाद दक्षिण कोरिया ने यूक्रेन से आधिकारिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की थी।
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री के अनुसार, उन्हें 6 अक्टूबर को यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा की ओर से एक माफीनामा मिला था, लेकिन वह सियोल की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद ही दक्षिण कोरियाई सरकार ने कड़े कदम उठाने के संकेत दिए थे। फिलहाल, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह विभिन्न मुद्दों का सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए यूक्रेन के साथ परामर्श जारी रखेगा।
इनपुट: IANS



