उत्तर कोरिया-अमेरिका वार्ता: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने 'पेसमेकर' की भूमिका निभाने का संकल्प लिया
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच रुकी हुई परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता को फिर से पटरी पर लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया है। समाचार एजेंसी…
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच रुकी हुई परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता को फिर से पटरी पर लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया इस प्रक्रिया में एक 'पेसमेकर' की तरह काम करेगा, ताकि दोनों देशों के बीच संवाद फिर से स्थापित हो सके।
यह टिप्पणी ली जे-म्युंग ने फ्रांसीसी समाचार पत्र 'ले मोंद' को दिए एक लिखित साक्षात्कार में की, जो रविवार को प्रकाशित हुआ। यह साक्षात्कार उनकी चार दिवसीय फ्रांस यात्रा की शुरुआत के मौके पर सामने आया, जिसके तहत वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात करेंगे। ली का मानना है कि बातचीत की बहाली से ही प्योंगयांग के लगातार बढ़ते परमाणु हथियार कार्यक्रम पर अंकुश लगाया जा सकता है।
शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नीति
राष्ट्रपति ली ने अपनी सरकार की उत्तर कोरिया के प्रति 'शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व' की नीति को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई, जिसका उद्देश्य दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम करना है। उन्होंने यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कुछ उपायों से रातों-रात "अविश्वास की दीवार" को गिराया जा सकता है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन पर टिप्पणी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ली ने कहा कि वे गठबंधन की स्थिरता पर हमला नहीं हैं। उन्होंने इसे बदलते समय की नई मांगों के अनुसार गठबंधन में बदलाव लाने की मंशा के तौर पर वर्णित किया। ली ने इस बात पर भी जोर दिया कि दक्षिण कोरिया रक्षा खर्च बढ़ाकर और अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करके गठबंधन में अपनी भूमिका बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
इनपुट: IANS



