विधानसभा चुनाव प्रचार में प्लास्टिक सामग्री के अंधाधुन इस्तेमाल पर हाईकोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस

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मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम पार्टियां चुनावी प्रचार करती दिखाई देती  है. लेकिन इसी बीच चुनाव प्रचार के दौरान प्लास्टिक की सामग्री के इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव निर्वाचन आयोग और प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है.

हाईकोर्ट द्वारा भेजे गए इस नोटिस पर दो हफ्ते में जवाब की मांगा की गई है 

बता दें कि हाईकोर्ट द्वारा भेजे गए इस नोटिस पर दो हफ्ते में जवाब भी मांगा है. गौरतलब है कि चुनाव प्रचार में प्लास्टिक सामग्री के अंधाधुन प्रयोग के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई पर कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है.

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी.के. जायसवाल व न्यायमूर्ति बी.के.श्रीवास्तव की युगलपीठ ने प्रतिवादियों को नोटिस भेजकर याचिका पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है.

 प्रचार प्रसार के लिए 10 टन प्लास्टिक का किया जा रहा है इस्तेमाल

ये याचिका जबलपुर निवासी संजीव कुमार पांडे की तरफ से दायर की गई है. इस याचिका पर कहा गया है कि अपशिष्ट पदार्थ अधिनियम की श्रेणी में प्लास्टिक द्वारा बनने वाले फ्लेक्स, होर्डिंग व झंडे भी आते है. ये ही नहीं केंद्रीय प्लास्टिक पदार्थ प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है. उसके बाद भी विधानसभा चुनाव के प्रचार प्रसार में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा है.

अनुमान है कि चुनाव के दौरान हर दिन प्रचार प्रसार के लिए 10 टन प्लास्टिक से बने फ्लेक्स, होर्डिंग व झंडे का प्रयोग हो रहा है. अगर इतनी ज्यादा फीसदी में प्लास्टिक सामग्री का उत्पादन होगा तो ये पर्यावरण के लिए भी काफी घातक साबित हो सकता है.

प्रदेश में प्लास्टिक बैग का उत्पादन और प्रयोग करने को लेकर प्रतिबंध 

हालांकि इस याचिका में यह भी बताया गया है कि प्रदेश में प्लास्टिक के बैग का उत्पादन और प्रयोग करने को लेकर प्रतिबंध भी है. इस फैसले को हाईकोर्ट ने भी उचित ठहराया था. इस याचिका में प्रदेश सरकार और राज्य चुनाव निर्वाचन आयोग को प्रतिवादी बनाया गया है.