सोमवार, 29 जून 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिका-ईरान तनाव ने तोड़ी बाजार की दो दिन की बढ़त, सेंसेक्स 372 और निफ्टी 109 अंक लुढ़का

दो कारोबारी दिनों की लगातार तेजी के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार फिर लाल निशान में आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला, जिसकी वजह से ऑटो,

अमेरिका-ईरान तनाव ने तोड़ी बाजार की दो दिन की बढ़त, सेंसेक्स 372 और निफ्टी 109 अंक लुढ़का
(फोटो: IANS)

दो कारोबारी दिनों की लगातार तेजी के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार फिर लाल निशान में आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला, जिसकी वजह से ऑटो, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों समेत कई सेक्टरों में बिकवाली देखी गई।

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IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जून को कारोबार खत्म होते-होते BSE सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 पर जा टिका। NSE निफ्टी50 भी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत फिसलकर 23,946.25 के स्तर पर बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

व्यापक बाजार में भी कमज़ोरी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.37 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टरवार तस्वीर — ऑटो सबसे ज़्यादा पिछड़ा

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मेटल हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। लेकिन ऑटो सेक्टर सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ — वहाँ करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी रियल्टी में भी 0.9 से 1.3 प्रतिशत तक की गिरावट रही।

निफ्टी50 के सर्वाधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, M&M, TMPV, इंडिगो और मारुति सुज़ुकी शामिल रहे। वहीं मैक्स हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़, कोल इंडिया, एटर्नल, BEL और ट्रेंट शीर्ष लाभ पाने वालों में रहे।

विशेषज्ञ बोले — अभी कंसोलिडेशन का दौर

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, सोमवार का पूरा कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा। निफ्टी दिनभर करीब 195 अंकों की रेंज में घूमता रहा — दिन के पहले हिस्से में अस्थिरता तेज रही, जबकि दूसरे हिस्से में यह सिमटकर महज 63 अंकों की संकरी रेंज में कारोबार करता रहा। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल बनी है, जो अल्पकालिक कमज़ोरी का संकेत देती है।

तकनीकी नज़रिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि निचले स्तरों पर बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। हालाँकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑस्सिलेटर्स यह संकेत दे रहे हैं कि फिलहाल इंडेक्स सीमित दायरे में ही रह सकता है।

आगे के लिए अहम स्तर

विशेषज्ञ का कहना है कि आने वाले सत्रों में 23,850–23,800 का क्षेत्र निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट जोन होगा, क्योंकि यहीं 20-दिवसीय और 50-दिवसीय EMA मौजूद हैं। अगर निफ्टी 23,800 से नीचे टिकता है, तो गिरावट 23,650 तक खिंच सकती है। ऊपर की तरफ 24,070–24,100 का स्तर मज़बूत रेजिस्टेंस बना हुआ है — जब तक यह स्तर निर्णायक रूप से नहीं टूटता, बाजार में बड़ी तेजी की उम्मीद कम है।

इनपुट: IANS

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