अमेरिका में बिकने वाले सी-फूड पर अब लगेगा 'अमेरिकी-उत्पाद' का लेबल, ट्रंप ने किया ऐलान
अमेरिकी सी-फूड (समुद्री खाद्य) उद्योग को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई लेबलिंग योजना की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को यह पहचानने में मदद…
अमेरिकी सी-फूड (समुद्री खाद्य) उद्योग को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई लेबलिंग योजना की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को यह पहचानने में मदद करना है कि वे जो सी-फूड खरीद रहे हैं, वह अमेरिका में ही पकड़ा या तैयार किया गया है या विदेश से आयातित है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह ऐलान फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में आयोजित एक रिपब्लिकन चुनावी रैली के दौरान किया गया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कदम को फ्लोरिडा के गल्फ तट पर स्थित समुद्री खाद्य उद्योग के समर्थन में एक "ऐतिहासिक कदम" बताया। उन्होंने कहा, "आज हम यहां गल्फ ऑफ अमेरिका के तट पर मौजूद एक महत्वपूर्ण उद्योग के समर्थन में ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं।" इसके बाद उन्होंने इस योजना पर विस्तार से जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर को आमंत्रित किया।
विदेशी उत्पादों पर क्या हैं आरोप?
रैली में रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी सी-फूड उत्पादक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे उत्पाद अमेरिकी बाज़ार में आकर यहां के मछुआरों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं। कैनेडी ने वियतनाम और कंबोडिया में झींगा उत्पादन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कुछ उत्पादक मैंग्रोव जंगलों को नष्ट कर देते हैं और ऐसे रसायनों का इस्तेमाल करते हैं, जो कई अन्य देशों में प्रतिबंधित हैं।
कैनेडी ने कहा, "इन झींगों में इतनी ज्यादा एंटीबायोटिक और डिसइन्फेक्टेंट होते हैं कि यूरोप के कई देश इन्हें स्वीकार नहीं करते।" उन्होंने दावा किया कि ऐसे उत्पाद बाद में अमेरिका भेजे जाते हैं, जहां कम कीमतों के कारण घरेलू उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि, कैनेडी ने अपने भाषण में इन आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
अमेरिकी मछुआरों के सामने चुनौतियाँ
कैनेडी के मुताबिक, अमेरिकी मछुआरों को दुनिया के सबसे सख्त पर्यावरणीय और टिकाऊ उत्पादन नियमों का पालन करना पड़ता है। इससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाती है और वे उन विदेशी उत्पादकों से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते हैं, जिन पर ऐसे कड़े नियम लागू नहीं होते। उन्होंने फोर्ट मायर्स और फ्लोरिडा के पिंक झींगा उद्योग को अमेरिकी मत्स्य उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया और कहा कि सरकार घरेलू उत्पादकों के लिए बाजार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
नई लेबलिंग योजना के अधूरे सवाल
नई 'अमेरिकन-मेड' लेबलिंग योजना की घोषणा तो कर दी गई है, लेकिन कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी नहीं दिए गए हैं। ट्रंप या कैनेडी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह योजना कब से लागू होगी। यह भी नहीं बताया गया कि यह लेबल लगाना स्वैच्छिक होगा या अनिवार्य। इसके अलावा, इस योजना की निगरानी कौन सी सरकारी एजेंसी करेगी और 'अमेरिकी-उत्पाद' का दर्जा पाने के लिए किन मानकों को पूरा करना होगा, इस पर भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इनपुट: IANS



