ये 10 पहचान हैं मर्दानगी की

0
Manhood

दुनिया में मनुष्य को सामान्यताः दो लिंगों में महिला और पुरूष में विभाजित किया गया है और समाज इन्हीं के ताने बाने से चलता है। मगर मर्दों को खासकर अपनी मर्दानगी पर स्वाभिमान होता है। ऐसे यह जानना जरूरी है कि आखिरकार मर्दानगी की 10 पहचान क्या हैं।

1- राज़- मर्दों की खासकर यह पहचान होती है कि ये अपने से या किसी और से जुड़े राज़ को राज़ ही रखते हैं और किसी भी परिस्थिति में जाहिर नहीं होने देते।

2- किसी के बाप से न डरना- दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले मर्दों को किसी के बाप से डर नहीं होता। मर्द की पहचान वही है जो किसी के बाप से न डरे।

3- झगड़े में न पड़ना- मर्दों की एक खास पहचान यह है कि किसी भी झगड़े में पड़ना मुनासिब नहीं समझते हैं। झगड़े की स्थिति पैदा होने पर वह उनसे तौबा कर लेते हैं।

4- उपलब्धियां- सच्चा मर्द कभी भी अतीत में हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र नहीं करता है। वह हमेशा अपने लक्ष्यों को पाने की दिशा में अग्रसर रहता है।

5- जिम्मेदारी का अहसास- एक पुरूष को हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का अहसास होता है क्योंकि जीवन के अनुभव ने उसे कर्तव्यों का अहसास करना सिखाया है।

6- महिलाओं का पीछा न करना- लीचड़ और गटर वाली मानसिकता के शिकर लोग ही महिलाओं का पीछा करते हैं। असली मर्द कभी भी महिलाओं का पीछा करने में यकीन नहीं रखता है।

7- नशे को ना- मानसिक, शारीरिक तौर पर एक मर्द हमेशा तंदुरूस्त होता है। वह नशे को कभी हाथ नहीं लगाता और हमेशा उनसे दूर रहता है।

8- मदद न मांगना- दृढ पुरूष किसी भी परिस्थिति में किसी के भी सामने हाथ नहीं फैलाता और चुनौतियों का सामना स्वयं करता है। यही पहचान उसे सही मायने में मर्द बनाती है।

9- क्षमा मांगना- एक मर्द हमेशा क्षमा मांगने में विश्वास रखता है क्योंकि माफी मांगने वाला माफ करने वाले से बड़ा होता है। इसलिए एक मर्द माफी मांगने से कभी पीछे नहीं हटता है।

10- बेबाक- एक मर्द किसी भी विषय पर बेबाकी से बात रखता है। चाहे कोई भी हो, किसी के भी सामने हो वह अपनी बात को कहने से कभी पीछे नहीं हटता।  

ये भी पढ़ें: मानो ना मानो ये 10 काम तो हर शख्स करता है