भारतीय क्रिकेट इतिहास में 10 खिलाड़ी ऐसे हुए, जिन्हें खराब प्रदर्शन के बावजूद भी कप्तान के तौर पर अजहर, गांगुली, धोनी और विराट देते रहे मौका

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भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ सालों में अंतर्राष्ट्रीय तौर पर सभी फॉरमेटों में विश्व को प्रभावित किया है, लेकिन टीम के लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हुए हैं जिनके बुरे दौर और बुरे प्रदर्शन के बाद भी टीम में जगह मिलती रही। ये खिलाड़ी अजहर, गांगुली, धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में खेलते रहे।

विराट कोहली

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1- केएल राहुल (टेस्ट)

अपनी बल्लेबाजी के दम पर भारतीय क्रिकेट टीम में कुछ समय के लिए जगह बना चुके बल्लेबाज केएल राहुल मौजूदा भारतीय टीम के लिए तीनों ही फॉर्मेट का हिस्सा हैं। केएल राहुल ने पिछले कुछ साल से लगातार अच्छा खेलकर टीम में बने हुए हैं। जिसमें उनका प्रदर्शन वनडे में कुछ ज्यादा ही बेहतर रहा। मगर उनका टेस्ट में खराब प्रर्दशन रहा है। कोहली की कप्तानी में केएल राहुल ने 31 टेस्ट मैच में 34.72 की औसत से 1736 रन ही बनाए हैं।

2- शिखर धवन (टेस्ट)

गब्बर नाम से मशहूर शिखर धवन भारतीय क्रिकेट टीम में के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं। एकदिवसीय मैचों में शिखर धवन ने सलामी बल्लेबाज के तौर पर खूब रन बरसाए हैं, लेकिन शिखर धवन का विराट कोहली की कप्तानी में कुछ पारियों को छोड़ दे तो टेस्ट करियर बहुत ही खराब रहा है। शिखर धवन ने विराट कोहली की कप्तानी में 21 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 40.54 की औसत से 1419 रन बनाए हैं, लेकिन ये एक सलामी बल्लेबाज के सही आंकड़े नहीं कहे जा सकते हैं।

3- रोहित शर्मा (टेस्ट)

अपनी बल्लेबाजी के तेवर एकदिवसीय मुकाबलों में खास पहचान बना चुके सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का इस प्रारूप में अच्छी प्रदर्शन रहा है। मगर वह टेस्ट प्रारूप सफल साबित नहीं हो पाए हैं।  रोहित शर्मा को विराट कोहली की कप्तानी में काफी टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला लेकिन उन्होंने निराश ही किया है। कोहली की कप्तानी में रोहित शर्मा ने 19 टेस्ट मैचों में 38 की औसत से 1064 रन ही बनाए हैं।

महेन्द्र सिंह धौनी

1- सुरेश रैना

टी 20 फॉरमेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाने वाले सुरेश रैना वन-डे मैचों में ठीक-ठाक प्रदर्शन के बावजूद टेस्ट प्रारूप में अपने बल्ले की छाप नहीं छोड़ पाए। उन्हें धोनी की कप्तानी में 17 टेस्ट मैचों में 28.44 की औसत के केवल 768 रन ही बना सके।

2- अश्विन

काफी सालों तक क्रिकेट के सभी प्रारूपों का हिस्सा रहे ऑफ स्पिनर आर अश्विन कई अहम मैचों में कामयाब साबित हुए हैं, लेकिन जब अश्विन के वनडे करियर की बात करें तो यहां आर अश्विन उस लय में नहीं दिखे जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। आर अश्विन ने महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में लगातार वनडे क्रिकेट खेला लेकिन वो इस दौरान 78 मैचों में 32.40 के औसत से 105 विकेट ही निकाल सके।

3- रविन्द्र जडेजा (20-20)

वन-डे और टेस्ट मैच में अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट पर अपनी खास छाप छोड़ चुके रविन्द्र जडेजा का प्रदर्शन 20-20 में अच्छा-खासा नहीं रहा। रविन्द्र जडेजा ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर के दौरान महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में 39 मैच खेले लेकिन इसमें वो 8.58 की मामूली औसत से 103 रन ही बना सके तो वहीं केवल 31 विकेट ही ले सके। फिर भी धोनी ने जडेजा को लगातार मौका दिया।

सौरव गांगुली

1- संजय बांगड़(टेस्ट-वनडे)

संजय बांगड़ कोशिश के बावजूद भी वह नाकाम रहे। सौरव गांगुली की कप्तानी में मिले कई मौकों पर संजय बांगड़ पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। संजय बांगड़ को गांगुली ने 12 टेस्ट मैचों में 29.73 की औसत से 470 रन बनाए और 7 विकेट हासिल किए तो वनडे में बांगड़ वे गांगुली की कप्तानी में 11 वनडे में 13.80 की औसत से 138 रन बनाए तो 3 विकेट ही ले सके।

2- पार्थिव पटेल(टेस्ट)

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफलतम विकेटकीपर बल्लेबाज धौनी से भी पहले गुजरात के पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम में आए थे। पार्थिव पटेल को सौरव गांगुली की कप्तानी में मौका मिला लेकिन वो कुछ खास नहीं कर पाए। सौरव गांगुली की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा नहीं रहा है। पार्थिव पटेल ने गांगुली की कप्तानी में खेले 15 टेस्ट मैचों में 31.58 की औसत के साथ 537 रन ही बना सके

3- दिनेश मोंगिया (वन-डे)

कई सालों भारतीय वनडे टीम की कमान संभालने के दौरान ने कप्तान सौरव गांगुली ने युवा चेहरे तलाशने की कोशिश की। इन खिलाड़ियों में से एक दिनेश मोंगिया हैं, जिन्हें सौरव गांगुली ने बहुत ज्यादा मौका दिए, लेकिन वो इनकी कप्तानी में 45 वनडे मैचों में 27.94 की औसत से 978 रन ही बना सके।

मोहम्मद अजहरूद्दीन

1- निखिल चोपड़ा(वनडे)

भारतीय क्रिकेट टीम में हमेशा से ही स्पिन गेंदबाजों का बोलबाला रहा है। स्पिन गेंदबाज में भारतीय टीम के एक से एक बड़े नाम मिले हैं, लेकिन इनमें दिल्ली के पूर्व स्पिन गेंदबाज निखिल चोपड़ा ने भी भारतीय टीम के लिए वनडे और टेस्ट दोनों में ही प्रतिनिधित्व किया। निखिल चोपड़ा ने मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में इन 13 वनडे मैचों में केवल 11 विकेट ही हासिल कर सके।

2- ऋषिकेष कानिटकर(वनडे)

भारतीय क्रिकेट टीम में की कप्तानी में एक से एक बल्लेबाजों ने अपने करियर का आगाज किया। मगर ऋषिकेश कानिटकर ने निराश किया। ऋषिकेष कानिटकर ने भारतीय टीम के लिए कुछ साल तक क्रिकेट खेली जिसमें वो वनडे में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में 25 वनडे खेले। इन मैचों में कानिटकर के बल्ले से महज 24 की औसत के साथ 288 रन ही निकल सके।

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