सोमवार, 13 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

मोदी सरकार ने योगी सरकार के फैसले पर जताया विरोध, ये है कारण

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के उस फैसले को गैर-कानूनी करार दिया है, जिसके तहत 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने…

मोदी सरकार ने योगी सरकार के फैसले पर जताया विरोध, ये है कारण

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के उस फैसले को गैर-कानूनी करार दिया है, जिसके तहत 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का आदेश दिया गया था। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि वह UP सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है, क्योंकि ये कानूनी रूप से उचित नहीं है।

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थावर चंद गहलोत ने कहा कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है क्योंकि यह संसद का विशेषाधिकार है और यह किसी भी विधि न्यायालय में मान्य नहीं है। हम योगी सरकार से इस फैसले को वापस लेने का अनुरोध करेंगे।

thawar chand gahlot
थावर चंद गहलोत

दरअसल बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने मंगलवार को राज्यसभा के शून्यकाल में UP की 17 जातियों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति की लिस्ट में डालने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि UP सरकार ने तीन दिन पहले इन 17 जातियों को OBC की लिस्ट से बाहर कर दिया और अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट देने के लिए कहा गया है जो कि पूरी तरह से गैर संवैधानिक है।

Yogi Adityanath 1
योगी आदित्यनाथ

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आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का आदेश जारी किया था। इनमें 17 जातियों में कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिन्द, भर, राजभर, धीमर, वाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी और मछुआरा शामिल हैं।

गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती भी योगी सरकार के इस फैसले पर असहमति जता चुकी हैं।

PV

Pradeep Verma

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