बांग्लादेश में स्वास्थ्य संकट: खसरे से 758 मौतें, अब डेंगू का खतरा मंडराया
बांग्लादेश इस समय एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है, जहाँ खसरे का प्रकोप लगातार जारी है और अब डेंगू के मामले भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंट
बांग्लादेश इस समय एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है, जहाँ खसरे का प्रकोप लगातार जारी है और अब डेंगू के मामले भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही खसरे जैसे लक्षणों से 5 और बच्चों की जान चली गई, जिससे इस बीमारी से होने वाली कुल संदिग्ध और पुष्ट मौतों का आंकड़ा 758 तक पहुँच गया है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, इन 758 मौतों में से 664 को संदिग्ध खसरा से हुई मौत के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि लैब जांच में 94 मौतों की पुष्टि हुई है। देश में संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहाँ 879 नए संदिग्ध मामले सामने आने के बाद कुल संदिग्ध संक्रमितों की संख्या 111,480 हो गई है। वहीं, 90 नए पुष्ट मामलों के साथ कुल कन्फर्म्ड केस 13,500 पर पहुँच गए हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर दोहरी मार की आशंका
खसरे के कारण बांग्लादेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही भारी दबाव में है। 15 मार्च से अब तक 94,340 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जिनमें से 90,605 ठीक हो चुके हैं। हर दिन 900 से अधिक नए मरीज भर्ती हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर डेंगू का प्रकोप भी साथ में बढ़ गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं और मृत्यु दर बढ़ सकती है। ढाका के बड़े सरकारी अस्पताल, जो पहले डेंगू के हजारों मरीजों का इलाज कर चुके हैं, वे भी इस समय खसरे के मरीजों से भरे हुए हैं।
बढ़ते डेंगू के मामले और विशेषज्ञों की चेतावनी
द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून के महीने में डेंगू की स्थिति काफी खराब हुई है। इस साल के कुल डेंगू मामलों में से 48% और कुल मौतों में से 72% सिर्फ जून में दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई और अगस्त में मानसून के चरम पर होने के कारण एडीज मच्छरों के पनपने का खतरा और बढ़ेगा।
बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी (BMU) में आंतरिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर फजल रब्बी चौधरी ने कहा, "हालांकि खसरे के मामलों में अब कमी आनी शुरू हो गई है, लेकिन यह कमी उम्मीद से धीमी है। इसी समय मानसून मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है और डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं। इससे निश्चित रूप से अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।" विशेषज्ञों ने सरकार से मच्छरों के लार्वा को खत्म करने का अभियान तेज करने और दोनों बीमारियों से निपटने के लिए अस्थायी उपचार केंद्र व अलग डेंगू यूनिट बनाने की अपील की है।
इनपुट: IANS



