लिबर्टी हाउस ग्रुप के संजीव गुप्ता की बढ़ी मुश्किलें, अब टाटा स्टील ने किया 1.1 करोड़ डॉलर का मुकदमा
हाइलाइट्स:
- टाटा स्टील के वकीलों ने फाइलिंग में कहा कि मार्च 2021 तक लिबर्टी हाउस ग्रुप लेट पेमेंट्स से जूझ रहा था।
- संजीव गुप्ता भारतीय मूल के ब्रिटिश बिजनेसमैन हैं और लिबर्टी हाउस ग्रुप (Liberty House Group) के फाउंडर हैं।
- मुकदमा साल 2017 में हुए सौदे पर केन्द्रित है।
नई दिल्ली
टाटा स्टील (Tata Steel) ने मिस्ड पेमेंट्स को लेकर संजीव गुप्ता की (Sanjeev Gupta) 3 मेटल यूनिट्स पर 1.1 करोड़ डॉलर का मुकदमा दायर किया है। संजीव गुप्ता भारतीय मूल के ब्रिटिश बिजनेसमैन हैं और लिबर्टी हाउस ग्रुप (Liberty House Group) के फाउंडर हैं। वह GFG अलायंस के सीईओ और चेयरमैन हैं। GFG अलायंस मुख्य रूप से स्टील और माइनिंग इंडस्ट्रीज में परिचालन करती है।
टाटा स्टील द्वारा संजीव गुप्ता की 3 मेटल यूनिट्स पर लंदन में किया गया मुकदमा साल 2017 में हुए सौदे पर केन्द्रित है। 2017 में टाटा के स्पेशियलिटी स्टील बिजनेस की बिक्री लिबर्टी हाउस ग्रुप को हुई थी। यह सौदा 13.9 करोड़ डॉलर का रहा था।
मुश्किलों से जूझ रहा लिबर्टी ग्रुप
टाटा स्टील के वकीलों ने यूके हाई कोर्ट में दाखिल किए डॉक्युमेंट्स में कहा है कि लिबर्टी हाउस ग्रुप ने टाटा स्टील की यूके शाखा को बताया है कि ग्रुप मई 2020 से ही मुश्किलों से जूझ रहा है, जब कोविड19 महामारी के कारण स्टील की मांग को बड़ा झटका लगा था। ग्रीनसिल कैपिटल, गुप्ता के कारोबार के लिए सबसे बड़ी लेंडर थी। ग्रीनसिल कैपिटल के दिवालिया होने के बाद संजीव गुप्ता का कारोबार अब फंडिंग तलाश रहा है। ऐसा लगता है कि गुप्ता ने मुश्किलों से जूझ रहे अपने स्टील कारोबार के लिए एक लाइफलाइन सिक्योर कर ली है क्योंकि व्हाइट ओक ग्लोबल एडवायजर्स के साथ गुरुवार को 20 करोड़ पाउंड के लोन पर सहमति बन गई।
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एक माह के अंदर दूसरा मुकदमा
टाटा स्टील के वकीलों ने फाइलिंग में कहा कि मार्च 2021 तक लिबर्टी हाउस ग्रुप लेट पेमेंट्स से जूझ रहा था। ग्रुप ने लिखा था कि इसके प्रमुख लेंडर ग्रीनसिल कैपिटल के दिवालिया हो जाने से वह संकट का सामना कर रहा है। लिबर्टी हाउस ग्रुप की ओर से 1 मई तक पेमेंट न होने पर टाटा ग्रुप अतिरिक्त 1 करोड़ पाउंड की मांग कर रहा है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि लिबर्टी हाउस ग्रुप की ओर से पैसा चुका दिया गया है या नहीं। एक महीने से भी कम वक्त के अंदर यह लिबर्टी हाउस ग्रुप के कारोबार पर दूसरा मुकदमा है। इससे पहले क्रेडिट सुइस ग्रुप ने सिटीबैंक के जरिए संजीव गुप्ता की लिबर्टी कमोडिटीज के खिलाफ वाइंडिंग अप एप्लीकेशन दायर की थी।
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