तमिलनाडु: नए सचिवालय के लिए 'पल्लवन इल्लम' के चुनाव पर PMK ने उठाए गंभीर सवाल
तमिलनाडु में नए सचिवालय के निर्माण को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार के उस कथित फैसले पर गहरी चिंता जताई है, जिसके तह…
तमिलनाडु में नए सचिवालय के निर्माण को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार के उस कथित फैसले पर गहरी चिंता जताई है, जिसके तहत सचिवालय को चेन्नई के अन्ना सलाई स्थित 'पल्लवन इल्लम' में बनाने की योजना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. रामदास ने इसे एक 'चौंकाने वाली' खबर बताते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, सरकार ने पहले चेन्नई के पट्टिनापक्कम में हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर सचिवालय बनाने का विचार त्याग दिया है और अब उसकी नजर पल्लवन इल्लम पर है। कहा जा रहा है कि एक हफ्ते के भीतर इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो सकती है। पीएमके अध्यक्ष ने कहा, “अगर ये खबरें सही हैं तो पट्टिनापक्कम में सचिवालय न बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। इसे पल्लवन इल्लम में बनाने का फैसला कहीं ज्यादा गलत और अनुचित होगा।”
क्यों गलत है पल्लवन इल्लम का चुनाव?
डॉ. रामदास ने पल्लवन इल्लम में सचिवालय बनाने के खिलाफ कई ठोस कारण गिनाए हैं। उन्होंने आगाह किया कि यह इलाका पहले से ही चेन्नई के सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम वाले शीर्ष 3 क्षेत्रों में शामिल है। उनके मुताबिक, “अगर नया सचिवालय पल्लवन इल्लम में बनाया जाता है तो अन्ना सलाई पर ट्रैफिक को नियंत्रित करना लगभग असंभव हो जाएगा।”
उन्होंने पर्यावरणीय चिंताओं का भी जिक्र किया। “पल्लवन इल्लम, जहां नया सचिवालय बनाने का प्रस्ताव है, कूवम नदी के किनारे स्थित है। वहां 20 लाख वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप एरिया) वाला सचिवालय बनाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।”
भविष्य के विस्तार की कोई गुंजाइश नहीं
पीएमके अध्यक्ष ने बताया कि पल्लवन इल्लम चारों तरफ से घिरा हुआ है। इसके दक्षिण में अन्ना सलाई, पूर्व में पल्लवन सलाई, पश्चिम में कूवम नदी और उत्तर में सेंट मैरी युद्ध कब्रिस्तान तथा बॉडीगार्ड मुनीश्वरर मंदिर हैं। इन सीमाओं के कारण भविष्य में सचिवालय का विस्तार करना भी लगभग असंभव होगा।
डॉ. रामदास ने मुख्यमंत्री के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि नया परिसर अगले 100 वर्षों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न तो पट्टिनापक्कम और न ही पल्लवन इल्लम, कोई भी जगह इस दूरदर्शी सोच को साकार करने के लिए उपयुक्त है।
क्या है PMK का सुझाव?
पीएमके ने एक बार फिर अपनी पुरानी मांग दोहराई है कि राज्य को एक नए सचिवालय की सख्त जरूरत है, लेकिन इसका निर्माण सही जगह पर होना चाहिए। पार्टी का सुझाव है कि चेन्नई के बाहर कम से कम 500 से 1,000 एकड़ जमीन पर एक एकीकृत प्रशासनिक शहर विकसित किया जाए, जिसमें सचिवालय भी शामिल हो। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार को नए सचिवालय के निर्माण के मुद्दे पर खुले दिमाग और दूरदर्शी सोच के साथ काम करना चाहिए। मेरी सरकार से अपील है कि वह पीएमके के प्रस्ताव के अनुसार, चेन्नई के बाहर ही नए सचिवालय का निर्माण कराए।”
इनपुट: IANS



