परिसीमन पर केंद्र की चिट्ठी: RJD सांसद मनोज झा ने सरकार के रुख और PM की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एक पत्र के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने इस मुद्दे पर केंद्र…
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एक पत्र के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, झा ने कहा कि परिसीमन को लेकर लोगों के मन में व्याप्त आशंकाओं को दूर करने के लिए संसद सत्र से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाना कहीं बेहतर कदम होता।
यह पूरा मामला केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे एक पत्र से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर सकारात्मक सहयोग की मांग की थी। इसी पत्र के जवाब में विपक्ष ने सरकार के संवाद के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
सरकार के संवाद के तरीके पर सवाल
मनोज झा ने रिजिजू के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष को दुश्मन नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपना दायरा बढ़ाने की अपील की। झा ने इस बात पर जोर दिया कि अगर सत्र से पहले सभी दलों के साथ इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होती तो आशंकाओं को दूर किया जा सकता था।
RJD सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण मौकों पर प्रधानमंत्री गायब हो जाते हैं। उन्हें सदन में मौजूद रहना चाहिए ताकि सभी दलों के बीच खुला संवाद हो सके।"
मोहन भागवत के बयान पर पलटवार
मनोज झा ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है। इस पर झा ने कहा, "मोहन भागवत को बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह गांधी का देश है।" उन्होंने आगे कहा कि फ्रांस और अल्बानिया के पास गांधी नहीं हैं, लेकिन भारत के पास महात्मा गांधी के असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आदर्श हैं, जो सत्ता की निरंकुशता को चुनौती देते रहेंगे।
इसके अलावा, मनोज झा ने देशवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं और कोलकाता व ग्वालियर में हुई दुखद घटनाओं पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
इनपुट: IANS



