मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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पटना स्नातक सीट: जातीय समीकरणों के बीच जन सुराज के उम्मीदवार ने उठाए बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने पारंपरिक जातीय समीकरणों…

पटना स्नातक सीट: जातीय समीकरणों के बीच जन सुराज के उम्मीदवार ने उठाए बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे
(फोटो: IANS)

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने पारंपरिक जातीय समीकरणों से हटकर शिक्षित मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को अपने अभियान का केंद्र बनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सिंह बेरोजगार स्नातकों के लिए बेरोजगारी भत्ता, मुफ्त कोचिंग और बेहतर लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं।

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इस सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से नीरज कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से दिलीप कुमार भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि शिक्षित मतदाताओं के बीच अनुज सिंह का मुद्दा-आधारित अभियान कितना प्रभावी साबित होता है।

रोजगार और शिक्षा पर फोकस

अनुज सिंह ने अपने चुनाव प्रचार में बेरोजगार स्नातकों की समस्याओं पर जोर दिया है। उन्होंने IANS से बातचीत में कहा, "अगर हमारा कोई साथी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी बेरोजगार है और उसे काम नहीं मिला है तो उसके लिए बेरोजगारी भत्ते की बात उठनी चाहिए।" उनका मानना है कि शिक्षित वर्ग का प्रतिनिधि ही स्नातकों की समस्याओं को विधान परिषद में मजबूती से उठा सकता है। उन्होंने वादा किया है कि मौका मिलने पर वे हर जिले और अनुमंडल मुख्यालय में मुफ्त कोचिंग और अच्छी लाइब्रेरी की व्यवस्था के लिए काम करेंगे।

जाति और धनबल से अलग चुनाव

जातीय समीकरणों की चर्चा पर अनुज सिंह ने कहा कि वे सभी वर्गों—पिछड़े, अति पिछड़े, महादलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण—के लोगों से मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि स्नातक मतदाता किसी के 'बंधुआ' नहीं हैं और वे अपनी समझ से मतदान करेंगे। उन्होंने इस चुनाव को धनबल के बजाय मुद्दों से मतदाताओं को जोड़ने का प्रयास बताया। मोकामा के विधायक अनंत सिंह के समर्थन पर उन्होंने उन्हें अपना 'अभिभावक' बताया, लेकिन प्रशांत किशोर और अनंत सिंह के बीच किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया।

पुरानी कानूनी चुनौतियां और चुनाव का गणित

अपने खिलाफ पुराने छेड़छाड़ के मुकदमे और एक वायरल वीडियो पर अनुज सिंह ने इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने दावा किया कि 2012 का मुकदमा झूठा था और 2022 में AI-जनरेटेड वीडियो फैलाने वाले पर उन्होंने FIR दर्ज कराई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि 23 अक्टूबर को बिहार में स्नातक कोटे की चार सीटों (पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी) और शिक्षक कोटे की चार सीटों (पटना, दरभंगा, सारण, तिरहुत) के लिए मतदान होना है। इन आठ सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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