फिर बरपा स्वाइन फ़्लू का केहर, राजस्थान में अब तक 88 की मौत

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देश में एक बार फिर से स्वाइन फ्लू चर्चा में है. राजस्थान में इस जानलेवा बेमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इस कारण पूरे राज्य  में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. लेकिन प्रशासन की कोशिशों के बावजूद स्वाइन फ्लू के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. दो विधायकों के एक साथ इसकी चपेट में आने से बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. राजस्थान स्वाइन फ्लू के मामले में देश में नंबर वन बन चुका है. यहां पिछले डेढ़ महीने में 88 लोगों की जान जा चुकी है और 980 मरीज़ स्वाइन फ्लू में पॉज़िटिव पाए गए हैं.

हर कोशिश नाकाम

बता दें कि स्वाइन फ्लू की वजह से मांडलगढ़ के विधायक कीर्ति कुमारी की मौत हो चुकी है और पूर्व मंत्री दिगंबर सिंह भी इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं. राज्य के दो मुख्य सचिव एनसी गोयल और अशोक जैन भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन राजस्थान सरकार अभी तक इसको रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है.

राजस्थान में स्वाइन फ्लू पर काबू नहीं पाए जाने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. 980 मरीजों में से 580 अकेले जयपुर में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मिले हैं. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है. सरकार का कहना है कि हमने करीब तीन करोड़ लोगों की मुफ्त जांच की है.

और भी हैं लिस्ट में

इतने हडकंप के बावाजूद भी दो और विधायक इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं. विधायक नरपत सिंह राजवी और विधायक अमृता मेघवाल के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने की वजह से विधानसभा में ज़बरदस्त हंगामा हुआ. महिला विधायक अमृता मेघवाल के संपर्क में आए 16 विधायकों के सैंपल लिए गए. हालांकि उन सबकी जांच नेगेटिव आई है. इससे पहले 12 दिसंबर को जयपुर में ट्रेनिंग लेने आए 300 अफसरों को उस समय वापस भेजना पड़ा, जब ट्रेनिंग ले रही महिला कर्मी की मौत हो गई और 11 ट्रेनी अफसर स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिले. सवाई मानसिंह अस्पताल के पांच डॉक्टर भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं.

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