यूपी में स्वाइन फ्लू का कहर

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यूपी में स्वाइन फ्लू का कहर
यूपी में स्वाइन फ्लू का कहर

देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में स्वाइन फ्लू अपना कहर बरपा रहा है। यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है, तो ऐसे में यहाँ की आबादी भी अन्य राज्यों की अपेक्षा ज्यादा है। बारिश के मौसम में कई बीमारियां फैलती है, जिनमें डेंगू, चिकनपाक्स, स्वाइफ्लू, मलेरिया आदि। यूपी में स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों की संख्यां में लगातार इजाफा होता जा रहा है। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने तमाम दावे करते आ रहे है, लेकिन यह खबर तमाम दावों को खोखला साबित कर देगी।

जी हाँ, यूपी में स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों की बात की जाए तो ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है, यूपी की राजधानी लखनऊ से ही स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया था और अब यूपी में स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों की सबसे ज्यादा संख्यां लखनऊ से ही आया है। आपको बता दें कि स्वाइन फ्लू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियों के लाख दावे कर रहा है, लेकिन यह दावे खोखले साबित हो रहे है। आकड़ो की बात करें तो पूरे यूपी में स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों की संख्या लगभग 200 से पार है, तो वहीं यूपी की राजधानी लखनऊ में यह आकड़ा 60 के पार है। यूपी की राजधानी में स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या बताई जा रही है।

मामलें को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सीएमओ और सीएमएस को हाई अलर्ट पर किया है, लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है, वैसे-वैसे स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता जा रहा है। आपको याद दिला दें कि यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू का पहला मरीज करीब 2 महीने पहले मिलने के साथ ही अभी कुछ दिनों पहले ही यहाँ पर मरीजों की संख्या 10 बताई जा रही थी, लेकिन अब स्वाइन फ्लू ने तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। यूपी की स्वास्थ्य विभाग ने फ्लू के बढ़ते कहर को मद्देनजर रखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में बेड आरक्षित कर रखे हैं, ताकि स्वाइन फ्लू के मरीजों का ईलाज जल्द शुरू हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश दिया है कि कोई भी चिकित्सक छुट्टी ना लें। साथ ही स्वाइन फ्लू से ग्रस्त सभी मरीजों को सलाह दी गई है कि वो अपने घरों में ही आराम करें। आपको बता दें कि यूपी की राजधानी में अब तक स्वाइन फ्लू 61 मरीज मिले हैं, जबकि 5 मरीजों की मौत भी चुकी है।

कैसे करें स्वाइन फ्लू से बचाव

अगर आपको भी खासी, जुकाम, बुखार, ठंड लगना, कमजोरी, भूख न लगना आदि की समस्याएं लगातार हो रही है, तो यह स्वाइन फ्लू हो सकता है, ऐसा महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, लेकिन हम आपको कुछ ऐसे घरेलू ईलाज बताने जा रहे है, जिसकी मदद से आप खुद को स्वाइन फ्लू के वायरस से बचा सकते है।
तुलसी की पत्तियां
तुलसी की पत्तियाँ दोनों तरफ से धुली हुई तुलसी की पत्तियाँ रोज सुबह लें। तुलसी का अपना एक चिकित्सीय गुण है। यह गले और फेफड़े को साफ रखती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर इसके संक्रमण से बचाती है।
कपूर
कपूर को महीने में एक या दो बार लेने से वायरस से बचा जा सकता है। बड़े लोग इसे पानी के साथ निगल सकते हैं और छोटे बच्चों को यह आलू या केले के साथ मलकर दे सकते हैं क्यों कि इसे सीधा लेना मुश्किल होता है। याद रखें कपूर को रोजाना नहीं लेना है इसे महीने में एक बार ही लें।
लहसुन
लहसुन जो लोग लहसुन खाते हैं वे रोज सुबह दो कलियाँ कच्ची चबा सकते हैं। यह गुनगुने पानी से लिया जा सकता है।
गुनगुना दूध
गुनगुना दूध जिन लोगों को दूध से एलर्जी नहीं है वे रोज रात को दूध में थोड़ी हल्दी डालकर ले सकते हैं। इससे वायरस का खतरा कम रहता है।
इन तमाम उपायों से आप खुद को और अपने घरवालों को स्वाइन फ्लू के वायरस से बचा सकते है।

यूपी को स्वाइन फ्लू से बचाने के लिए प्रदेश की सरकार ने कमर कस ली है। यूपी के सीएम योगी ने खुद स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया है। बहरहाल, सरकार की तैयारियां कितनी है, यह तो तभी पता चलेगा, जब आने वाले दिनों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्यां में कटौती होगी।

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