यमन संकट: चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल शांति बहाली का आग्रह किया
संयुक्त राष्ट्र में चीन ने यमन में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल शांति बहाली और राजनीतिक समाधान की दिशा में लौटने का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 9…
संयुक्त राष्ट्र में चीन ने यमन में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल शांति बहाली और राजनीतिक समाधान की दिशा में लौटने का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर को सुरक्षा परिषद की खुली बैठक में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने कहा कि यमन की स्थिति एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है।
फू छोंग ने बताया कि यमन के पश्चिमी तट समेत कई मोर्चों पर भीषण लड़ाई छिड़ने से जमीनी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध क्षेत्र में उच्च तीव्रता वाले टकराव का एक नया दौर शुरू हो गया है, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो रहा है और लोग विस्थापित हो रहे हैं। इस संघर्ष का नकारात्मक प्रभाव बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और पड़ोसी देशों तक तेजी से फैल रहा है।
शांति के लिए तीन सूत्रीय दृष्टिकोण
चीनी प्रतिनिधि ने मौजूदा संघर्ष का एक व्यवहार्य समाधान खोजने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करते हुए तीन प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले स्थिति को जल्द से जल्द शांत करने के प्रयास किए जाने चाहिए। दूसरा, राजनीतिक समाधान की दिशा में शीघ्र वापसी होनी चाहिए और तीसरा, अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन किया जाना चाहिए।
चीन की मध्यस्थता की पेशकश
अपने संबोधन में फू छोंग ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन इस मुद्दे पर रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "चीन विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ संपर्क और संवाद बनाए रखेगा, अपने तरीके से शांति वार्ता को बढ़ावा देगा, यमन मुद्दे के राजनीतिक समाधान को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में स्थायी शांति बहाल करने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।"
इनपुट: IANS



