मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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NEET-UG प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अधिकार से छात्रों पर दर्ज FIR रद्द कीं, 5 सितंबर का मार्च भी वापस

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने अपने विशेष संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली समेत पांच राज्यों में…

NEET-UG प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अधिकार से छात्रों पर दर्ज FIR रद्द कीं, 5 सितंबर का मार्च भी वापस
(फोटो: IANS)

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने अपने विशेष संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली समेत पांच राज्यों में छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे 'कलेक्टिव फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना मार्च वापस ले लिया है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनाया। दिल्ली और चार अन्य राज्यों—असम, महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार—की सरकारों ने खुद अदालत में अर्जी दाखिल कर इन FIR को रद्द करने की गुहार लगाई थी, जो 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज की गई थीं।

सरकार और प्रदर्शनकारियों में बनी सहमति

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत सफल रही है। सरकार ने तीन प्रमुख आश्वासन दिए हैं: पहला, छात्रों पर दर्ज FIR वापस ली जाएंगी; दूसरा, 20 से 25 जुलाई की घटनाओं के लिए कोई नई FIR दर्ज नहीं होगी; और तीसरा, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की प्रक्रिया तय करने के लिए सरकार ने अदालत से तीन महीने का समय मांगा है।

आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर होगी कार्रवाई

हालांकि, यह राहत सभी प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है। सॉलिसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस इन लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज करेगी। इस पर एक वकील ने उन 2,873 लोगों की सूची की मांग की, जिनके खिलाफ आपराधिक इतिहास के आधार पर मुकदमा चलाने की योजना है।

अदालत ने की सकारात्मक रुख की सराहना

इस मामले पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की, "अगर दोनों पक्ष आपस में विश्वास दिखाएं, तो सभी मुद्दे एक-एक करके हल हो सकते हैं।" इस पर एसजी मेहता ने भी प्रदर्शनकारियों के सकारात्मक रुख की सराहना करते हुए कहा, "हम दुश्मन नहीं हैं।" अदालत ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास का बयान भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने सरकार के भरोसे और अदालत के फैसले के सम्मान में 5 सितंबर का मार्च वापस लेने की घोषणा की।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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