बुधवार, 22 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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शेयर बाज़ार में लगातार तीसरे दिन बिकवाली, सेंसेक्स 715 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का दौर जारी रहा। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों जैसी वैश्विक चिंताओं के बीच निवेशकों ने जमकर बिकवाली की…

शेयर बाज़ार में लगातार तीसरे दिन बिकवाली, सेंसेक्स 715 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे
(फोटो: IANS)

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का दौर जारी रहा। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों जैसी वैश्विक चिंताओं के बीच निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिससे प्रमुख सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक लुढ़क गए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट के साथ सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अहम स्तरों से नीचे बंद हुए।

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बुधवार को कारोबार खत्म होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 715.06 अंक (0.92%) की गिरावट के साथ 76,755.05 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी50 सूचकांक 191.45 अंक (0.79%) फिसलकर 23,996.25 पर आ गया, जो एक मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है।

बाजार में चौतरफा बिकवाली

बुधवार की गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में भी इसका असर दिखा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.09% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.54% टूटकर बंद हुए। सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो लगभग सभी क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव हावी रहा।

सबसे ज्यादा 2.68% की गिरावट निफ्टी मीडिया में दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी (2.6%), पीएसयू बैंक (1.8%), प्राइवेट बैंक (1.4%), आईटी (1.5%), और फार्मा (1.3%) जैसे प्रमुख सेक्टर भी लाल निशान में बंद हुए। इस बिकवाली के माहौल में सिर्फ दो सेक्टर ही बढ़त बनाने में कामयाब रहे — निफ्टी एफएमसीजी (0.65%) और निफ्टी ऑटो (0.18%)।

विशेषज्ञों की नजर में बाजार का हाल

एक बाजार विशेषज्ञ के मुताबिक, निफ्टी पिछले आठ कारोबारी सत्रों से 24,367 से 24,000 के सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था, लेकिन बुधवार को इस दायरे से एक निर्णायक ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी 'बेयरिश कैंडल' बनाई और अपनी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे भी फिसल गया।

तकनीकी संकेतकों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आरएसआई (Relative Strength Index) का लगातार नीचे जाना बाजार में मंदी की गति को मजबूत कर रहा है। वहीं, एडीएक्स (Average Directional Index) इंडिकेटर में डीआई-, डीआई+ से ऊपर निकल गया है, जो साफ तौर पर बिकवाली करने वालों के बढ़ते दबदबे का संकेत है। कारोबार के अंत में एडवांस-डिक्लाइन रेशियो भी पूरी तरह बिकवालों के पक्ष में था, क्योंकि निफ्टी 500 के 403 शेयर लाल निशान में बंद हुए।

विशेषज्ञ ने आगे के लिए महत्वपूर्ण स्तरों की जानकारी देते हुए बताया कि निफ्टी के लिए 23,850-23,800 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो गिरावट 23,650 और फिर 23,500 तक बढ़ सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 24,150-24,200 का दायरा एक मजबूत बाधा (रेजिस्टेंस) बना रहेगा।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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