नोएडा: फर्जी कंपनियों का चीनी नेटवर्क बेनकाब, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तीन गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नोएडा में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला रैकेट का खुलासा किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस मामले में एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों…
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नोएडा में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला रैकेट का खुलासा किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस मामले में एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर शेल यानी कागजी कंपनियों के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। यह गिरोह मोबाइल फोन कवर बनाने की आड़ में अवैध गतिविधियों में लिप्त था।
एसटीएफ ने मुख्य आरोपी, चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई और उसके दो भारतीय सहयोगियों, संजीव कुमार और कोशलेन्द्र को 22 जुलाई की रात करीब 10 बजे नोएडा के सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसाइटी से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि लॉन्गहुई का भारतीय वीजा 2020 में ही खत्म हो चुका था, लेकिन वह पिछले छह साल से अवैध रूप से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
एसटीएफ के अनुसार, लॉन्गहुई नोएडा में वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी चला रहा था, जिसे उसके ससुर म्यूजेन यू और साले क्यूपिंग टैंग ने स्थापित किया था। यह कंपनी मोबाइल कवर बनाने का काम करती थी, लेकिन असल में चीन से महंगे दाम पर कच्चा माल खरीदकर दिल्ली के बाजारों में कम कीमत (अंडर इनवॉइसिंग) पर बेचा जाता था। इस प्रक्रिया से पैदा हुए अवैध धन को हवाला नेटवर्क के जरिए इधर-उधर किया जाता था।
पूरे नेटवर्क का सरगना लियाओ लॉन्गहुई था, जबकि उसके भारतीय साथी फर्जी कंपनियां खोलने, बैंक खाते चलाने और दस्तावेज तैयार करने में उसकी मदद करते थे। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट संजीव कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
कर्मचारियों के नाम पर फर्जी कंपनियां
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अपने कर्मचारियों और यहां तक कि ड्राइवर के नाम पर भी कई कागजी कंपनियां बना रखी थीं। इनमें हनुराज ट्रेडिंग सल्यूशन, टीडीडेस्क एसेंशियल, जेड वन एंटरप्राइजेज और मेजटेक पावर इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा, हांगकांग में पंजीकृत दो कंपनियों, हैक हैंको कम्युनिकेशन ट्रेडिंग और हैक इंचियोन लिमिटेड का इस्तेमाल भी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किए जाने का आरोप है।
बड़ी बरामदगी और फर्जी पहचान
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया। इसमें पांच लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, दो चीनी पासपोर्ट, 10 कंपनियों की मुहरें, 11 बैंकों की चेकबुक और करीब 4.72 करोड़ रुपये के चेक शामिल हैं। इसके अलावा, 15,400 रुपये नकद भी बरामद हुए। लॉन्गहुई के पास से सैमुअल लोथा के नाम से बना एक आधार कार्ड भी मिला, जिस पर उसकी अपनी तस्वीर लगी थी और पता नागालैंड का था। एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों और विदेशी फंडिंग की कड़ियां खंगाल रही है।
इनपुट: IANS



