पश्चिम एशिया में भारत की सक्रियता: विदेश सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन मिस्र, फ़िलिस्तीन और लेबनान के दौरे पर
पश्चिम एशिया के साथ अपने संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में भारत ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की है। विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन 16 से 21 अगस्त तक मिस्र…
पश्चिम एशिया के साथ अपने संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में भारत ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की है। विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन 16 से 21 अगस्त तक मिस्र, फ़िलिस्तीन और लेबनान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अपने वर्तमान पद पर रहते हुए इन तीन देशों का यह उनका पहला दौरा होगा।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और भारत इस क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहा है। विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह दौरा भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने का एक अहम अवसर प्रदान करेगा।
द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा
अपनी यात्रा के दौरान, राजदूत रंगनाथन अपने समकक्षों और विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें करेंगी। इन वार्ताओं के एजेंडे में द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के अलावा आपसी हित के विभिन्न मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श शामिल है। मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा से भारत की क्षेत्रीय भागीदारी को और गहरा करने का अवसर मिलेगा।
मिस्र के साथ ब्रिक्स सहयोग पर विशेष ध्यान
इस दौरे में मिस्र के साथ ब्रिक्स (BRICS) के मंच पर सहयोग एक प्रमुख विषय रहेगा। राजदूत रंगनाथन काहिरा में 'ब्रिक्स में भारत-मिस्र का साथ: ग्लोबल साउथ की मज़बूत आवाज़ बनने की ओर अग्रसर' (India-Egypt in BRICS: Towards a Stronger Voice for the Global South) विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण भी देंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रिक्स में भारत और मिस्र की साझेदारी को मज़बूत करने और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को प्रभावी ढंग से उठाने के उपायों पर चर्चा करना है। भारत और मिस्र के बीच पहले से ही मज़बूत राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध हैं।
इनपुट: IANS



