सोमवार, 3 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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राफेल आने से छत पर पक्षियों के लिए दाना रखने से क्यों मना कर रही है वायुसेना?

राफेल विमान ने पिछले दिनों सियासी तूफ़ान मचा रखा था और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियाँ सत्तारूढ़ दल को इस मसले पर घेरने की तैयारी कर रही थी.

राफेल आने से छत पर पक्षियों के लिए दाना रखने से क्यों मना कर रही है वायुसेना?

राफेल विमान ने पिछले दिनों सियासी तूफ़ान मचा रखा था और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियाँ सत्तारूढ़ दल को इस मसले पर घेरने की तैयारी कर रही थी. इसके बाद अब इस विमान ने पक्षियों को हैरान कर दिया है. 

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असल में वायुसेना ने अम्बाला के स्थानीय लोगो से यह मदद मांगी है कि वे अपने घर के छत पर खाने का कोई भी सामना न रखे. और इसके साथ ही साथ प्रशासन को भी इस बात की शिकायत की है. 

वायुसेना के मुताबिक इस तरह छत पर रखे हुए खाने की वजह से पक्षी आसमान में मंडराते रहते हैं और इस वजह से वायुसेना के विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, पिछले दिनों जगुआर विमान इसी वजह से हादसे का शिकार हुए थे. 

वैसे तो वर्क्स ऑफ़ डिफेन्स एक्ट 1903 के मुताबिक एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण गैरकानूनी है, लेकिन अम्बाला में हालात यह है कि इस दायरे के अंदर ही तकरीबन 250 से अधिक मकानों का निर्माण हो गया है. 

https://twitter.com/IAF_MCC/status/1146978505168543744

यहाँ पर यह जानना ज़रूरी है कि पक्षियों को फाइटर प्लेनस के लिए खतरा माना जाता है. इसका कारण यह है कि जब कोई भी पक्षी किसी फाइटर प्लेन के इंजन तक पहुँच जाता है तो वो इंजन बंद हो जाता है और सिर्फ दूसरे इंजन की वजह से प्लेन की रफ़्तार कम हो जाती है. और एमरजेंसी लैंडिंग की हालात आ जाती है. 

वैसे तो राफेल विमान मई 2020 तक अम्बाला पहुचेंगे लेकिन अभी से ही अम्बाला एयरबेस को अपग्रेड करने की तैयारी शुरु कर दी गयी है और यदि रणनीतिक लिहाज से भी देखा जाय तो चूंकि अम्बाला एयरबेस पाकिस्तान सीमा से मात्र 200 किमी की दूरी पर है, तो यह महत्वपूर्ण हो जाता है.  

S

Shekhar

शेखर News4Social के राजनीतिक संवाददाता हैं। वे चुनाव, राजनीति और राष्ट्रीय घटनाक्रम पर रिपोर्ट करते हैं, और विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाते हैं। सभी लेख देखें →

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