दिल्ली में मतदाता सूची से नाम हटाने पर AAP विधायक ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने दिल्ली में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग की…
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने दिल्ली में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल और बिहार की तर्ज पर दिल्ली में भी मतदाताओं को प्रभावित करने का एक प्रयास है।
संजीव झा ने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत लगभग 14 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सर्वे जून के महीने में किया गया, जब बहुत से लोग छुट्टियों में अपने गांव या अन्य जगहों पर गए होते हैं। उनके मुताबिक, हटाए गए 90 प्रतिशत नाम 'मौजूद न होने' या 'कहीं और चले जाने' के आधार पर काटे गए, जो सर्वे के समय पर सवाल खड़े करता है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर चिंता
विधायक ने कहा, "दुर्भाग्य है कि इसका जरिया चुनाव आयोग बन रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन झुग्गियों को तोड़ा गया, वहां रहने वाले मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए। साथ ही, सरकार द्वारा जिन्हें घर आवंटित किए गए, उनके नाम भी सूची में शामिल नहीं किए गए। झा ने बताया कि उन्होंने एसआईआर के लिए समय बढ़ाने की मांग की थी ताकि छूटे हुए लोगों के नाम जोड़े जा सकें, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन
दिल्ली के राजनीतिक मुद्दों के अलावा, संजीव झा ने लद्दाख में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, "उनके अनशन का 20वां दिन है। सरकार अहंकार में है।" झा ने वांगचुक की लड़ाई को 'देश बचाने की लड़ाई' बताते हुए युवाओं और सरकार से पीड़ित सभी नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है।
पंजाब कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अपनी बातचीत में संजीव झा ने पंजाब में कांग्रेस की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कांग्रेस और भाजपा के बीच 'जुगलबंदी' चल रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस को पंजाब के मुद्दों की कोई चिंता नहीं है और वह भाजपा से लड़ने के बजाय खुद से ही लड़ रही है।
इनपुट: IANS



