सोमवार, 13 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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शहीद मजार पर जाने से रोकने पर उमर अब्दुल्ला का सरकार पर निशाना, भाजपा के नोटिस को बताया 'सम्मान का प्रतीक'

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को प्रशासन के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को 'मजार-ए-शुहादा' (शहीद मजार) पर श्रद्धांजलि देने से रोक दिया गया

शहीद मजार पर जाने से रोकने पर उमर अब्दुल्ला का सरकार पर निशाना, भाजपा के नोटिस को बताया 'सम्मान का प्रतीक'
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को प्रशासन के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को 'मजार-ए-शुहादा' (शहीद मजार) पर श्रद्धांजलि देने से रोक दिया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इसे दुखद बताते हुए कहा कि फैसला लेने वालों को जम्मू-कश्मीर का इतिहास पढ़ना चाहिए था।

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उमर अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि 13 जुलाई 1931 का संघर्ष कोई धार्मिक युद्ध नहीं था, बल्कि यह ज़ुल्म के खिलाफ, लोकतंत्र और अंग्रेजों से आज़ादी के लिए लड़ी गई लड़ाई थी। उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने जम्मू-कश्मीर की गरिमा की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, आज हमें उन्हें श्रद्धांजलि देने की भी इजाजत नहीं है।" उन्होंने दृढ़ता से कहा कि आज नहीं तो कल, वे वहां जाकर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फातिहा पढ़ेंगे।

भाजपा के कानूनी नोटिस पर प्रतिक्रिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस पर भी जवाब दिया। उन्होंने इसे 'सम्मान का प्रतीक' बताते हुए कहा, "मैं इसे बहुत सम्मान की बात मानता हूं, क्योंकि मैं ही एकमात्र राजनेता हूं जिसे यह नोटिस मिला है। मैं एक ऐसी राजनीतिक ताकत हूं, जिसे वे नजरअंदाज नहीं कर सकते।"

उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक आरोपों का जवाब राजनीतिक रूप से दिया जाना चाहिए था, न कि अदालतों की आड़ लेकर। अब्दुल्ला ने चेतावनी दी कि अब नेशनल कॉन्फ्रेंस भी अपने ऊपर आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं को कानूनी नोटिस भेजना शुरू करेगी।

क्या है मानहानि का मामला?

उल्लेखनीय है कि उमर अब्दुल्ला ने एक सार्वजनिक सभा में भाजपा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने और सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इसी बयान के जवाब में भाजपा ने उनसे सबूत मांगते हुए 100 करोड़ रुपए के मानहानि मुकदमे की चेतावनी देते हुए कानूनी नोटिस भेजा है। इसके अलावा, दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक रैली की अनुमति को लेकर उन्होंने कहा कि वे दिल्ली पुलिस के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

इनपुट: IANS

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