भारतीय कूटनीति का व्यस्त सितंबर: SCO से ब्रिक्स और UN तक, दुनिया की नज़रें भारत पर
सितंबर का महीना भारतीय कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त रहने वाला है, जिसमें कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और उच्च-स्तरीय यात्राएँ प्रस्तावित हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
सितंबर का महीना भारतीय कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त रहने वाला है, जिसमें कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और उच्च-स्तरीय यात्राएँ प्रस्तावित हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में संबोधन के साथ इस कूटनीतिक महीने की शुरुआत हो चुकी है।
इस पूरे महीने, भारत की विदेश नीति से जुड़े कई अहम घटनाक्रम देखने को मिलेंगे, जो वैश्विक मंच पर देश की भूमिका को और मज़बूत करेंगे। इनमें बहुपक्षीय बैठकों से लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की महत्वपूर्ण यात्राएं भी शामिल हैं।
भारत की मेज़बानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
इस महीने का सबसे बड़ा कूटनीतिक आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को भारत में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा। इसमें 20 से अधिक देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह सम्मेलन भारत के लिए 'ग्लोबल साउथ' की आवाज़ को बुलंद करने का एक बड़ा अवसर होगा, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक व्यवस्था में तेज़ी से बदलाव आ रहे हैं। इस मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, व्यापार और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा हो सकती है।
SCO और बेल्जियम के साथ संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत इस मंच का उपयोग अपने रणनीतिक हितों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को दृढ़ता से रखने के लिए करेगा। इसके अलावा, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भी 2 से 4 सितंबर 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
विदेश मंत्री की अहम यात्राएँ
सितंबर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका की यात्रा पर जा सकते हैं। न्यूयॉर्क में होने वाली इन बैठकों के दौरान उनकी दुनिया के कई प्रमुख नेताओं और विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात होगी। इस दौरान भारत के एजेंडे में यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया, संयुक्त राष्ट्र सुधार और वैश्विक आर्थिक मुद्दे शामिल हो सकते हैं। उनकी पोलैंड यात्रा भी प्रस्तावित है, जो मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक जुड़ाव को मज़बूती देगी।
इनपुट: IANS



