संसद में विपक्ष का प्रदर्शन: राम मंदिर चंदे से लेकर छात्रों पर लाठीचार्ज तक, गृह मंत्री से मांगा जवाब
संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस, टीएमसी और जेएमएम समेत अन्य दलों के…
संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस, टीएमसी और जेएमएम समेत अन्य दलों के सांसदों ने संसद परिसर में अपनी आवाज बुलंद की और विभिन्न मामलों पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "जब हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर एकत्र होते हैं तो उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता है।" उन्होंने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 से फायरिंग किए जाने का भी दावा किया और सवाल उठाया कि क्या सरकार की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखेगा।
विभिन्न दलों के आरोप और मांगें
विपक्षी प्रदर्शन में कई अन्य मुद्दे भी शामिल थे। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि विपक्ष 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर भी संसद में चर्चा की मांग की और कहा कि इस पर अमित शाह को माफी मांगनी चाहिए।
एक अन्य गंभीर मामले पर चिंता जताते हुए जेबी माथर ने एयर इंडिया के एक पायलट के मारिजुआना टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की घटना को "बेहद चौंकाने वाला" बताया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस पर एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि ऐसी स्थिति कतई स्वीकार्य नहीं है।
झारखंड प्रदर्शन पर सरकार का पक्ष
वहीं, झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने राज्य सरकार का बचाव किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से बातचीत के लिए भेजा था, जिसमें उनकी 98 प्रतिशत मांगों का समाधान हो गया था और इसे छात्रों ने भी स्वीकार किया था। महुआ माजी के अनुसार, छात्रों और मंत्रियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, लेकिन बाद में कुछ राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर छात्रों को उकसा दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में भाजपा और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता देखे गए थे और वायरल वीडियो के आधार पर बंगाल से लोगों को लाए जाने के भी आरोप हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इनपुट: IANS



