चक्रवात 'अर्नब' ने ओडिशा में मचाई तबाही: मलकानगिरी में बाढ़ जैसे हालात, NH-326 बंद, कई इलाके संपर्क से कटे
ओडिशा का मलकानगिरी जिला चक्रवात 'अर्नब' की वजह से आई भारी बारिश और तेज हवाओं की चपेट में है, जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के…
ओडिशा का मलकानगिरी जिला चक्रवात 'अर्नब' की वजह से आई भारी बारिश और तेज हवाओं की चपेट में है, जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, नदी-नाले उफान पर हैं और कई पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है।
जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके बाद मौसम विभाग ने दो दिन का रेड अलर्ट भी जारी किया था। भारी जलभराव के कारण जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-326 को भी प्रशासन ने अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिसके चलते सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं।
यातायात और संपर्क बुरी तरह प्रभावित
बाढ़ के पानी के कारण कांकुरुकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और एमवी-96 जैसे महत्वपूर्ण पुलों के ऊपर से तीन से चार फीट पानी बह रहा है। इसके परिणामस्वरूप मलकानगिरी का कालीमेला, मोटू और पोडिया जैसे क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे यातायात और भी बाधित हुआ है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी पुलों के पास पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
मलकानगिरी के एडीएम बेदाबर प्रधान ने IANS को बताया कि आने वाले कुछ घंटे और भी मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जानकारी दी कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और चेन्नई से आने वाले वाहन फंसे हुए हैं और जिला प्रशासन व पंचायतों की तरफ से प्रभावित लोगों तक भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
ओडिशा सरकार में मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा, "चक्रवात और भारी बारिश को देखते हुए सात जिलों के लिए भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया गया था। हमारी सरकार और मुख्यमंत्री ने हर जिले के लिए सभी जरूरी आदेश जारी कर दिए हैं।"
बालासोर में भी दिखा असर
चक्रवात का असर बालासोर में भी देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश ने सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। फायर ऑफिसर अजय ने बताया कि बांकेश्वर में तीन जगहों पर पेड़ गिरे, जिनमें से दो घरों पर गिरे, लेकिन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं, रेमुना में बुधवार को एक घर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक बच्चा घायल हो गया। उन्होंने बताया कि बालासोर के सभी 12 फायर स्टेशन पूरी तरह से तैयार हैं और उनके पास नावों की भी व्यवस्था है।
इनपुट: IANS



