भारत-कनाडा संबंध अपने सबसे मज़बूत दौर में, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर मुक्त व्यापार समझौते की उम्मीद
भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने दोनों देशों के रिश्तों को अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर बताया है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच…
भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने दोनों देशों के रिश्तों को अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर बताया है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी बनाने की जो गति और अवसर आज है, उसकी चर्चा दशकों से होती रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
कूटर ने कहा, "भारत और कनाडा के संबंध आज जितने अच्छे हैं, उतने पहले कभी नहीं रहे।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बहुत अच्छी समझ और तालमेल है, जिनकी पिछले एक साल से कुछ अधिक समय में चार बार मुलाकात हो चुकी है।
व्यापार और निवेश पर ज़ोर
दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की तैयारी चल रही है। उच्चायुक्त ने बताया कि अगले हफ़्ते कनाडा के व्यापार मंत्री 300 कारोबारी प्रतिनिधियों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि यह शायद सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है जिसे हमने कभी किसी देश में भेजा है, और निश्चित रूप से भारत के लिए तो यह सबसे बड़ा है।" यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक भारत में रहेगा और दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा करेगा।
क्रिस्टोफर कूटर के मुताबिक, कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को विविध बनाने पर काम कर रहा है, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो। उन्होंने कहा, "जब भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और कनाडा की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं को साथ रखते हैं, तो दोनों देश एक-दूसरे के लिए बेहद उपयुक्त साझेदार नजर आते हैं।"
रोज़गार और रक्षा में बढ़ता सहयोग
व्यापार के अलावा ऊर्जा, प्रवासन (माइग्रेशन) और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच नियमित बातचीत चल रही है। क्रिस्टोफर ने कहा कि निकट भविष्य में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण यात्रा की भी उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि कनाडाई कंपनियाँ भारत में आईटी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में लगभग एक लाख लोगों को रोज़गार दे रही हैं, जबकि भारतीय कंपनियाँ कनाडा में करीब 50,000 लोगों को नौकरी दे रही हैं।
अगले साल भारत और कनाडा के राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उच्चायुक्त का मानना है कि दोनों देशों के पास अब एक ऐसी साझेदारी बनाने का अवसर है जो उनकी अर्थव्यवस्थाओं के आकार और विकास की क्षमता को सही मायने में दर्शाती हो।
इनपुट: IANS



