यूक्रेन पर रूस के नए हमले: ज़ेलेंस्की ने रिहायशी इमारतों और पार्क को निशाना बनाने की निंदा की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस पर युद्ध नियमों का उल्लंघन करते हुए एक बार फिर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ज़ेलेंस्की…
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस पर युद्ध नियमों का उल्लंघन करते हुए एक बार फिर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि हालिया रूसी हमलों में जापोरिज्जिया, खेरसोन और ओडेसा शहरों में भारी तबाही हुई है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।
ज़ेलेंस्की ने बताया कि जापोरिज्जिया में एक सामान्य बहुमंजिला रिहायशी इमारत पर हवाई हमला किया गया। इस हमले के बाद इमारत की पहली से सातवीं मंजिल तक आग लग गई। राष्ट्रपति ने हमले में दो लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए लिखा, "बदकिस्मती से हमले में दो लोगों की मौत हो गई है। मैं उनके परिवारों और अपने प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग घायल हुए हैं और बचाव अभियान जारी है, जिसमें सभी जरूरी सेवाएं मौके पर मौजूद हैं।
खेरसोन और ओडेसा में भी तबाही
अन्य शहरों का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि मंगलवार को खेरसोन पर भी गाइडेड हवाई बमों और एफपीवी ड्रोन समेत कई तरह के ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई और दो अन्य घायल हो गए।
इसी तरह, ओडेसा और उसके आसपास के इलाके भी रूसी हमलों का निशाना बने। ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस ने एक सार्वजनिक पार्क पर मिसाइल से हमला किया। शहर पर जेट ड्रोन से भी हमला हुआ, जिससे एक चार मंजिला इमारत और कई कारों को नुकसान पहुंचा। इन हमलों में दो लोग घायल हुए, जबकि आसपास के तीन अन्य रिहायशी घर भी क्षतिग्रस्त हो गए।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील
इन हमलों की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के सहयोगी देशों से समर्थन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के 21वें प्रतिबंध पैकेज को मंजूरी मिलनी चाहिए और रक्षा के लिए मदद जारी रहनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन हथियारों और उपकरणों पर चर्चा हुई है, उन्हें निर्माता कंपनियां जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
इनपुट: IANS



