राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी: VHP अध्यक्ष ने कहा - 'निष्पक्ष जांच हो', केजरीवाल-अखिलेश पर भी बोले
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि आरोप किसी पर भी लगे हों, उसकी जांच होनी चाहिए और जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए।
यह प्रतिक्रिया उन आरोपों के संदर्भ में आई है जिनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर सवाल उठाए गए हैं। आलोक कुमार ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लगे आरोपों पर स्पष्ट किया, "आरोप लगे हैं... ट्रस्ट ने खुद कहा है कि समग्र जांच होनी चाहिए। तो जो-जो आरोप जिस पर लगे हैं, उस पर जांच होगी और जांच के परिणाम की हम प्रतीक्षा करेंगे। यही मेरा जवाब है कि जिस पर भी आरोप लगा है, उसको जांच होनी चाहिए।"
विपक्षी नेताओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया
VHP अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा की गई टिप्पणियों पर भी पलटवार किया। उन्होंने अखिलेश यादव के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते अयोध्या एक "उदास शहर" था और कोई विकास नहीं हुआ।
आलोक कुमार ने कहा, "लोग पूछेंगे कि गोलियां चलवाई थी कि नहीं? कारसेवक मारे गए थे या नहीं?" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अखिलेश यादव अपने मुख्यमंत्री काल में कभी अयोध्या नहीं गए और न ही वहां के लिए कोई योजना चलाई।
वहीं, अरविंद केजरीवाल के बयान पर उन्होंने कहा, "वे (केजरीवाल) डींगें मारते हैं और बढ़ा-चढ़ाकर बातें करते हैं।" आलोक कुमार ने चुनौती दी कि अगर केजरीवाल हवा-हवाई आरोप लगाने के बजाय प्रधानमंत्री का नाम लेकर आरोप लगाते हैं, तो पुलिस को उनसे सबूत मांगना चाहिए और निराधार होने पर कार्रवाई करनी चाहिए।
अन्य मुद्दों पर VHP का रुख
जब उनसे अयोध्या में वकीलों द्वारा ट्रस्ट के अधिकारियों के खिलाफ FIR के लिए दी गई तहरीर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जानकारी के अभाव में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, राम मंदिर में होने वाली नियुक्तियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह तय करना ट्रस्टियों का काम है और इसमें VHP की कोई भूमिका नहीं है।
इनपुट: IANS



