रविवार, 13 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारत-जापान रक्षा सहयोग में नया अध्याय: पहली बार भारतीय धरती पर उतरे जापानी लड़ाकू विमान

भारत और जापान के बीच रक्षा साझेदारी एक नए मुकाम पर पहुँच गई है। पहली बार, जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के लड़ाकू विमान भारत पहुँचे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह…

भारत-जापान रक्षा सहयोग में नया अध्याय: पहली बार भारतीय धरती पर उतरे जापानी लड़ाकू विमान
(फोटो: IANS)

भारत और जापान के बीच रक्षा साझेदारी एक नए मुकाम पर पहुँच गई है। पहली बार, जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के लड़ाकू विमान भारत पहुँचे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक अवसर को दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी के लिए एक “महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताया है।

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यह जापानी विमान 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026' में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। यह संयुक्त हवाई अभ्यास भारतीय वायु सेना (IAF) और JASDF के बीच 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास में भाग लेने के लिए JASDF का F-2 लड़ाकू विमान जोधपुर एयरबेस पर उतरा है।

रक्षा मंत्रियों ने जताई खुशी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कहा कि जापानी लड़ाकू विमानों की यह पहली भारत यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति दोनों देशों के बढ़ते भरोसे और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “'एक्सरसाइज वीर गार्डियन' जैसी आपसी यात्राओं का आदान-प्रदान इस तालमेल को और बल प्रदान करता है।”

राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी की एक पोस्ट के जवाब में की। कोइजुमी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह घटना लड़ाकू विमानों की आपसी यात्राओं के साकार होने का प्रतीक है, जो भारतीय वायु सेना के विमानों की जापान यात्रा के तीन साल बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि वे यह देखकर खुश हैं कि संयुक्त ट्रेनिंग के माध्यम से जापान-भारत रक्षा सहयोग लगातार विकसित हो रहा है।

'वीर गार्डियन 2026' का मकसद

इस 14-दिवसीय अभ्यास का उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल को और गहरा करना है। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना की ओर से स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस, एसयू-30 एमकेI और राफेल जैसे कई प्रमुख लड़ाकू विमान शामिल हो रहे हैं।

अभ्यास के दौरान, दोनों देशों के वायु सैनिक एडवांस ऑपरेशनल मिशन को अंजाम देंगे। इसके अलावा, मिशन योजना, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग व एयरोस्पेस सुरक्षा जैसे पहलुओं पर भी गहन बातचीत होगी। मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है और दोस्ती के पुराने रिश्तों को और मजबूत करता है।

इनपुट: IANS

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