शामली: राजमिस्त्री की बेटी ने बिना कोचिंग NEET पास किया, सेल्फ-स्टडी से पूरा होगा डॉक्टर बनने का सपना
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक राजमिस्त्री की बेटी ने आर्थिक चुनौतियों को मात देते हुए डॉक्टर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। थानाभवन क्षेत्र के सोंटा रसूलपुर गांव की रहने वाली द्राक्षा ने…
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक राजमिस्त्री की बेटी ने आर्थिक चुनौतियों को मात देते हुए डॉक्टर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। थानाभवन क्षेत्र के सोंटा रसूलपुर गांव की रहने वाली द्राक्षा ने बिना किसी महंगी कोचिंग के, सिर्फ सेल्फ-स्टडी और ऑनलाइन संसाधनों के बल पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार सफलता हासिल की है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, द्राक्षा ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 16,632वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। उनके पिता रागिब एक राजमिस्त्री हैं और परिवार की आय सीमित है। इसके बावजूद, द्राक्षा ने अपनी लगन और परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया, जो कई छात्रों के लिए एक प्रेरणा है।
पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा
द्राक्षा ने एजेंसी को बताया कि उन्हें बचपन से ही डॉक्टर बनने की चाहत थी और डॉक्टरों का काम उन्हें हमेशा प्रेरित करता था। उन्होंने कहा, "मेरे पिता राजमिस्त्री हैं और उन्होंने हमेशा कड़ी मेहनत की है। उन्हें संघर्ष करते देखकर मुझे भी मेहनत करने और अपने लक्ष्य तक पहुंचने की प्रेरणा मिली।" परिवार की आर्थिक स्थिति महंगी कोचिंग का खर्च उठाने की अनुमति नहीं देती थी, इसलिए द्राक्षा ने इंटरनेट को ही अपना शिक्षक बनाया।
रोजाना 13-14 घंटे की पढ़ाई
अपनी तैयारी के बारे में द्राक्षा ने बताया कि शुरुआत में वह हर दिन 13 से 14 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। बाद में उन्होंने समय के बजाय लक्ष्य-आधारित रणनीति अपनाई। उनका मानना है कि उन्हें अपनी मेहनत के अनुरूप ही परिणाम मिला है। द्राक्षा की मां के अनुसार, उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई में होशियार थी और परिवार ने आर्थिक तंगी के बावजूद उसकी पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी।
इनपुट: IANS



