पंजाब सरकार पर बढ़ेगा ₹1200 करोड़ का और कर्ज, विपक्ष ने साधा निशाना
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार एक बार फिर ₹1200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, जिससे राज्य पर वित्तीय बोझ और बढ़ जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस फैसले की जानकारी सरकार द्वारा जारी एक…
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार एक बार फिर ₹1200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, जिससे राज्य पर वित्तीय बोझ और बढ़ जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस फैसले की जानकारी सरकार द्वारा जारी एक राजपत्र अधिसूचना से सामने आई है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है।
यह नया कर्ज विकास योजनाओं के पूंजीगत व्यय के वित्तपोषण के उद्देश्य से लिया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार से संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत आवश्यक सहमति भी प्राप्त कर ली है।
कर्ज जुटाने की प्रक्रिया
पंजाब सरकार के वित्त विभाग (वित्त बजट-II शाखा) द्वारा 3 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह राशि 7.65 प्रतिशत पंजाब एसजीएस 2043 बॉन्ड को दोबारा जारी करके जुटाई जाएगी। यह वही बॉन्ड है जिसे 12 अगस्त 2026 को जारी किया गया था।
सरकारी स्टॉक की बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय द्वारा नीलामी के माध्यम से की जाएगी। यह नीलामी 8 सितंबर को मुंबई में आयोजित होगी, जहाँ प्रतिस्पर्धी बोलियां RBI के ई-कुबेर सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा की जाएंगी।
विपक्ष का तीखा हमला
सरकार के इस कदम पर पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "एक और 1200 करोड़ का कर्ज। 'आप' पंजाब सरकार ने एक बार फिर कर्ज लेने का फैसला किया है। पंजाब पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि 'आप' सरकार राज्य को और ज्यादा कर्ज में डुबोती जा रही है।"
बाजवा ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, "भगवंत मान, पंजाब आपका एटीएम नहीं है। आप अपनी सरकार की आर्थिक नाकामियों को छिपाने के लिए कब तक कर्ज लेते रहेंगे?"
इनपुट: IANS



