मनी लॉन्ड्रिंग मामला: पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को हाई कोर्ट से राहत नहीं, जमानत याचिका खारिज
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरे पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया…
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरे पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उनके जेल से बाहर आने की उम्मीदों को झटका लगा है। अरोड़ा फिलहाल गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
यह पूरा मामला मेसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) के मोबाइल फोन निर्यात कारोबार में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। संजीव अरोड़ा इस कंपनी के पूर्व चेयरमैन और प्रमोटर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें इसी मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद 23 जून को उन्होंने जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लंबे समय तक चली बहस के बाद अब अदालत ने उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया है।
क्या हैं आरोप?
आरोपों के मुताबिक, मई से अक्टूबर 2023 के बीच HSRL ने 43 शिपमेंट के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खरीदारों को करीब 102.50 करोड़ रुपये के एप्पल और सैमसंग के डिवाइस निर्यात किए थे। कंपनी ने इन सौदों पर जीएसटी रिफंड और कस्टम ड्यूटी ड्रॉबैक का दावा किया था।
हालांकि, बाद में टैक्स अधिकारियों ने इन दावों पर आपत्ति जताई। नवंबर 2024 में कंपनी के 2 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी रिफंड के दावे को खारिज भी कर दिया गया था।
आपराधिक मोड़ और शिकायत
इस मामले ने आपराधिक मोड़ तब लिया, जब मई 2025 में खुद HSRL ने कमाल अहमद, अजहर हैदर उर्फ मोंटी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई। कंपनी ने इन लोगों पर शेल कंपनियों के जरिए धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप लगाया था।
संजीव अरोड़ा अप्रैल 2022 से जुलाई 2025 तक राज्यसभा के सदस्य थे। उनकी गिरफ्तारी और अब जमानत याचिका का खारिज होना इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक अहम मोड़ है।
इनपुट: IANS



