पंजाब: पराली जलाने पर सख़्ती, 22 अक्टूबर तक 510 मामले दर्ज, 9 लाख से ज़्यादा का जुर्माना
पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य में 22 अक्टूबर तक पराली जलाने के कुल 510 मामले सामने आए हैं, जिन पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड…
पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य में 22 अक्टूबर तक पराली जलाने के कुल 510 मामले सामने आए हैं, जिन पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) लगातार निगरानी रख रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों के आधार पर अब तक 9.30 लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा (EC) लगाया जा चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, लगाए गए कुल जुर्माने में से 4.93 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है। अधिकारियों ने दर्ज हुए 510 मामलों में से 467 की भौतिक जाँच पूरी कर ली है। जांच के बाद 184 मामलों में जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा, पराली जलाने की पुष्टि वाले 195 स्थानों की पहचान भी की गई है।
किन जिलों में सबसे ज़्यादा मामले?
आंकड़ों के अनुसार, पराली जलाने की सबसे ज़्यादा घटनाएं तरनतारन और अमृतसर जिलों में दर्ज की गई हैं। तरनतारन में 247 मामले सामने आए, जिनमें से 229 का निरीक्षण कर 97 मामलों में जुर्माना लगाया गया। वहीं, अमृतसर में 136 घटनाओं की सूचना मिली, जहाँ 127 मामलों की जाँच के बाद 51 में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया।
अन्य जिलों की बात करें तो गुरदासपुर में 32, फिरोजपुर में 26, कपूरथला में 18, और फाजिल्का व जालंधर में नौ-नौ मामले दर्ज हुए। पटियाला में पाँच मामले सामने आए, जिनमें से तीन पर जुर्माना लगाया गया। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जिलेवार आंकड़ों का कुल योग राज्य के कुल आंकड़े से मेल नहीं खाता, इसलिए इन संख्याओं की पुष्टि की जानी है।
अधिकारियों पर भी हो रही कार्रवाई
प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 227 नोडल और सुपरवाइजरी अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, चार मामलों में FIR दर्ज की गई है और 166 मामलों में 'रेड एंट्री' दर्ज की गई है। हालांकि, अभी तक किसी अधिकारी के खिलाफ विभागीय चार्जशीट या निलंबन का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
इनपुट: IANS



