शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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फ्रांस में जानवरों को संक्रमित करने वाले शमोंडा वायरस का पहला मामला इंसान में मिला, WHO ने पुष्टि की

जानवरों, विशेषकर मवेशियों और भेड़ों को संक्रमित करने वाले शमोंडा वायरस ने पहली बार किसी इंसान को अपनी चपेट में लिया है। फ्रांस में इंसानी संक्रमण का यह पहला मामला 20 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया…

फ्रांस में जानवरों को संक्रमित करने वाले शमोंडा वायरस का पहला मामला इंसान में मिला, WHO ने पुष्टि की
(फोटो: IANS)

जानवरों, विशेषकर मवेशियों और भेड़ों को संक्रमित करने वाले शमोंडा वायरस ने पहली बार किसी इंसान को अपनी चपेट में लिया है। फ्रांस में इंसानी संक्रमण का यह पहला मामला 20 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया, जिसकी पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, WHO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए इस जानकारी को साझा किया।

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यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक शमोंडा वायरस को केवल जानवरों तक ही सीमित माना जाता था। इंसानों में इसके संक्रमण का यह पहला ज्ञात मामला है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। फिलहाल, WHO और फ्रांसीसी स्वास्थ्य अधिकारी इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

क्या है शमोंडा वायरस और यह कैसे फैलता है?

शमोंडा वायरस मुख्य रूप से मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और घोड़ों जैसे पशुओं को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरस जानवरों के बीच ‘मिजेस’ कही जाने वाली छोटी मक्खियों के काटने से फैलता है। यह सीधे एक जानवर से दूसरे जानवर में नहीं फैलता, सिवाय एक स्थिति के - गर्भावस्था के दौरान संक्रमित माँ से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे तक यह पहुँच सकता है।

हालांकि, इंसानों में इसका फैलाव कैसे हुआ, इस पर अभी जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या मनुष्यों में भी यह संक्रमण मिजेस मक्खियों के काटने से ही हुआ है या इसका कोई और माध्यम है।

यूरोप में वायरस का बढ़ता दायरा

शमोंडा वायरस पहले से ही अफ्रीका के कई देशों और जापान में जानवरों में पाया जाता रहा है। लेकिन जून 2026 से इसने यूरोप में भी दस्तक दे दी। जर्मनी, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम और फ्रांस जैसे पश्चिमी यूरोपीय देशों में गायों और घोड़ों में इसके संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। फ्रांस में मिला इंसानी संक्रमण का यह मामला इसी कड़ी का एक नया विकास है, हालांकि इसे अभी एक अकेला और अलग-थलग मामला बताया जा रहा है।

WHO ने स्पष्ट किया है कि वह फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और जैसे ही कोई नई जानकारी सामने आएगी, उसे साझा किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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