पंजाब: मजदूर की आत्महत्या पर सियासी बवाल, वित्त मंत्री चीमा के इस्तीफे की मांग
पंजाब के दिरबा में एक मजदूर की आत्महत्या ने राज्य में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। मृतक ने कथित तौर पर अपने अंतिम बयान में राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया…
पंजाब के दिरबा में एक मजदूर की आत्महत्या ने राज्य में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। मृतक ने कथित तौर पर अपने अंतिम बयान में राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर उन पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक गुलजार सिंह ने कुछ समय पहले एक जनसभा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने बेटे की नशे की लत और इलाके में बढ़ते नशे के कारोबार पर सवाल पूछा था। विपक्ष का आरोप है कि इसी सवाल को लेकर उन्हें परेशान किया गया, जिसके चलते उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
विपक्ष का सरकार पर हमला
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “सवाल पूछने की कीमत: मौत! दिरबा के गुलजार सिंह ने हरपाल चीमा से बस नशे की समस्या के बारे में एक सवाल पूछा था और आरोप है कि 'गुरु-द्रोही' लोगों ने उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया।” उन्होंने मृतक के अंतिम बयान का हवाला देते हुए कहा, “अपने आखिरी बयान में उन्होंने बार-बार कहा, 'मेरी मौत के लिए हरपाल चीमा जिम्मेदार हैं'।” मजीठिया ने चीमा को तुरंत कैबिनेट से बर्खास्त कर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की।
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने भी 'एक्स' पर जारी बयान में मान सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “पंजाब में आम आदमी पार्टी के राज में लोकतंत्र का पूरी तरह से पतन हो गया है... अपनी पीड़ा को व्यक्त करने गुलजार सिंह वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के पास पहुंचे तो उन्होंने समस्या का समाधान भी नहीं किया उल्टे अपने गुर्गे और गुंडे भेज कर गुलजार पर माफ़ी मांगने का दबाव बनाया।” चुघ ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह को इलाज के लिए भी कई अस्पतालों के चक्कर काटने पर मजबूर किया गया। उन्होंने भी चीमा को बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
इस मामले पर पंजाब कांग्रेस ने भी 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा, “दुर्भाग्यवश, 50 वर्षीय गुलजार सिंह का देहांत हो गया। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनकी मृत्यु राज्य भर में व्याप्त मादक पदार्थों के खतरे की एक कड़वी सच्चाई है, जिसे आप सरकार अपने करोड़ों के विज्ञापनों के जरिए छिपाने की कोशिश करती है।”
इनपुट: IANS



