पंजाब: सीमा पर नशा रोकने वाला पुलिसकर्मी ही 15 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार, कांग्रेस ने उठाए सवाल
पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार के अभियान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य में सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी रोकने के लिए तैनात एंटी-ड्रोन सिस्टम का एक सिपाही ही 15 किलो हेरोइन के सा…
पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार के अभियान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य में सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी रोकने के लिए तैनात एंटी-ड्रोन सिस्टम का एक सिपाही ही 15 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा गया है। इस घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम की प्रभावशीलता पर निशाना साधा है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह घटना नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का मज़ाक है। उन्होंने लिखा, "जब नशा रोकने का जिम्मा जिन लोगों पर है, वे खुद तस्करी करते पकड़े जाएं, तो पंजाब के ड्रग माफिया को मिल रहे राजनीतिक और पुलिस संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।"
क्या है 'बाज अख' एंटी-ड्रोन सिस्टम?
पंजाब सरकार ने पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए 'बाज अख' (पंजाबी में अर्थ - ईगल आई) नामक एक अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में तरनतारन और अन्य सीमावर्ती इलाकों में इस प्रणाली को सक्रिय किया गया था, जिसकी कई यूनिट्स को मई में मंजूरी मिली थी। यह सिस्टम 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में किसी भी ड्रोन का पता लगाने, उसे ट्रैक करने और निष्क्रिय करने में सक्षम है। इसका मुख्य उद्देश्य ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाना है।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
इस गिरफ्तारी ने सरकार के नशा-विरोधी दावों पर विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि जिस प्रणाली को नशा रोकने के लिए लगाया गया, उसी पर तैनात जवान का तस्करी में लिप्त पाया जाना यह दिखाता है कि सरकार का अभियान ज़मीनी स्तर पर विफल है। परगट सिंह ने अपनी पोस्ट में पंजाबी ट्रिब्यून की एक खबर का हवाला दिया था।
इनपुट: IANS



