पंजाब में भर्ती परीक्षाओं पर फिर उठे सवाल, भाजपा ने 'आप' सरकार को घेरा
पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में भाजपा के…
पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि इन घटनाओं से राज्य की पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
भंडारी ने विशेष रूप से फार्मेसी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख किया, जिस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। उनके अनुसार, सरकार ने अदालत में यह दलील देने की कोशिश की कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।
गंभीर आरोपों के केंद्र में परीक्षा प्रणाली
प्रदीप भंडारी ने कहा कि अदालत के आदेश में संगठित गड़बड़ी, नकल और ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल जैसे आरोपों का भी जिक्र है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल हो रही है, तो यह व्यक्तिगत स्तर की गड़बड़ी नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध है। उन्होंने सवाल उठाया, "यह जांचना जरूरी हो जाता है कि परीक्षा प्रक्रिया में सेंध किस स्तर पर लगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।"
कई परीक्षाओं पर लीक का दावा
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह समस्या सिर्फ एक भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब में पहले भी कई परीक्षाएं लीक हो चुकी हैं। उन्होंने कुछ परीक्षाओं की सूची भी दी, जिनमें शामिल हैं:
- नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा (21 दिसंबर 2025)
- PSEB कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा
- एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा
- PSSSB ग्रुप-बी ऑफिसर परीक्षा
- पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET)
भंडारी ने कहा कि इन घटनाओं का सबसे बुरा असर उन मेहनती युवाओं पर पड़ता है जो सालों तक सीमित संसाधनों में सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
इन आरोपों के आधार पर प्रदीप भंडारी ने पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। भंडारी ने कहा, "आज पंजाब और देशभर के जेनजी अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान से यह सवाल पूछ रहे हैं कि पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की ओर से युवाओं से कब माफी मांगी जाएगी।"
इनपुट: IANS



