संगरूर में आत्महत्या: अकाली दल ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा पर FIR और CBI जांच की मांग की
पंजाब के संगरूर जिले में एक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे पर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समे…
पंजाब के संगरूर जिले में एक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे पर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मामले की CBI जांच की भी मांग की है।
यह मामला संगरूर के 50 वर्षीय गुलजार सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है, जिन्होंने कथित तौर पर राज्य सरकार द्वारा नशे की समस्या पर पर्याप्त कार्रवाई न किए जाने से परेशान होकर जहर खा लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुलजार सिंह ने मरने से पहले एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्थानीय सरपंच को भी जिम्मेदार ठहराया था।
क्या है पूरा मामला?
गुलजार सिंह ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने अपने गांव के दौरे पर आए मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे की समस्या पर सवाल किया, तो पुलिस उन्हें अलग ले गई और माफी मांगने के लिए दबाव बनाया। अपने आखिरी शब्दों में उन्होंने कहा, "मेरा बेटा ड्रग्स लेता है। मेरा घर बिक गया। मेरे पास कुछ नहीं है और आखिरकार अब मैंने जहर खा लिया है। पंजाब में कहीं भी ड्रग्स की समस्या हल नहीं हुई है।"
अकाली दल के आरोप
बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं गुलजार सिंह के शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा हूं और वित्त मंत्री हरपाल चीमा सहित सभी कथित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की मांग करता हूं।" मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चीमा के निर्देशों पर परिवार पर दबाव डालकर जबरन अंतिम संस्कार करवाया, जो "मानव गरिमा पर अमानवीय हमला है।"
एक अन्य वीडियो संदेश में उन्होंने AAP सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में बदलाव के नाम पर केवल नशे की डिलीवरी तेज हुई है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले को अपनी जान देनी पड़ रही है।
इनपुट: IANS



