AAP विधायक का मंत्री पर पलटवार: जरनैल सिंह बोले- 'प्रवेश वर्मा की गुंडागर्दी का पूरा वीडियो जल्द जारी करूँगा'
दिल्ली के तिलक नगर में एक सड़क की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) और मंत्री प्रवेश वर्मा के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। AAP विधायक जरनैल सिंह ने मंत्री प्रवेश…
दिल्ली के तिलक नगर में एक सड़क की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) और मंत्री प्रवेश वर्मा के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। AAP विधायक जरनैल सिंह ने मंत्री प्रवेश वर्मा के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता के खिलाफ अपशब्द कहे जाने के बाद एक युवक को थप्पड़ मारने की बात कही थी। जरनैल सिंह ने ऐलान किया है कि वे जल्द ही घटना का एक पूरा वीडियो जारी करेंगे, जिसमें उनके मुताबिक मंत्री की 'गुंडागर्दी' कैद है।
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में जरनैल सिंह ने कहा, "मैं जल्द ही एक वीडियो जारी करूंगा, जिसमें वहां मेरे पहुंचने से लेकर प्रवेश वर्मा की गुंडागर्दी और उनके भागने तक की सारी बातें होंगी।" उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उस वीडियो में उनके मुँह से वर्मा के परिवार के बारे में एक भी शब्द निकला हो, तो पुलिस उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने माँग की कि अगर वीडियो से वर्मा की 'गुंडागर्दी' साबित होती है, तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
सड़क निरीक्षण पर क्या हुआ था?
जरनैल सिंह के अनुसार, वे पिछले चार दिनों से उस सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर वीडियो पोस्ट कर रहे थे, जिसकी ऊपरी परत हाथ से ही उखड़ रही थी। उन्होंने बताया कि ये वीडियो दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी टैग किए गए थे। विधायक का आरोप है कि रविवार दोपहर करीब 1:15 बजे मंत्री प्रवेश वर्मा ने उन्हें फोन करके मौके पर बुलाया और सड़क की खराबी दिखाने को कहा।
उन्होंने आगे बताया, "जब मैं पहुंचा, तो उनका पूरा प्रोपेगैंडा पहले से ही तैयार था। उनके साथ भाजपा के कई कार्यकर्ता मौजूद थे, सबके हाथों में फोन थे, कैमरे ऑन थे और लाइव स्ट्रीमिंग चल रही थी।" जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने सड़क की परत हाथ से उखाड़ कर दिखाई, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैमरे बंद कर दिए और मंत्री गुस्से में आ गए। उनके मुताबिक, मंत्री ने उनके साथी साहिब सिंह को थप्पड़ मारा, उनका फोन फेंका, उन्हें लात मारी और जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी जरनैल सिंह ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद वे शिकायत दर्ज कराने थाने गए, लेकिन FIR नहीं लिखी गई। विधायक ने कहा, "हमारी यही मांग थी कि जब अपराध साबित हो गया, सब कुछ ऑन कैमरा हुआ...तो फिर एफआईआर क्यों नहीं हो रही है?"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे डीसीपी ऑफिस जाना चाहते थे, तो उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया और देर रात करीब डेढ़ बजे छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक सड़क की नहीं, बल्कि "भाजपा के भ्रष्टाचार के खिलाफ" है।
इनपुट: IANS



