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बस में हस्तमैथुन कर रहे व्यक्ति को पकड़ने के लिए पुलिस ने 25 हज़ार का इनाम रखा

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चलती बस में दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा के बगल में बैठकर हस्तमैथुन करने वाले व्यक्ति पर दिल्ली पुलिस ने 25 हज़ार रुपये का इनाम घोषित किया है. इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने एक पोस्टर भी जारी किया है.

इस पोस्टर के ज़रिये पुलिस ने कहा है कि आरोपी व्यक्ति के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को 25 हज़ार रुपये नकद इनाम दिया जाएगा. साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी.

छात्रा ने आरोपी व्यक्ति को डीटीसी बस में अश्लील हरकत करते हुए उसकी वीडियो बना ली थी. कुछ वक़्त बाद छात्रा ने अपने ट्विटर हैंडल से वो विडियो शेयर कर बस के अंदर अपने साथ हुई गंदी हरकत के बारे में खुलासा किया था.

पीड़िता का आरोप है कि बीते 10 फरवरी को 6 घंटे इंतजार के बाद वसंत विहार थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है. तब से आरोपी भी फरार चल रहा है. दिल्ली पुलिस, पुलिस आयुक्त, मुख्यमंत्री, महिला आयोग आदि को ट्विटर पर टैग करते हुए पीड़िता ने ट्वीट भी किया, लेकिन महिला आयोग के अलावा किसी ने मदद नहीं की.

यह हुआ था उस दिन

पीड़िता दिल्ली यूनिवर्सिटी में तीसरे वर्ष की छात्रा है. इस घटना के समय वह कॉलेज से घर लौट रही थी. आरोपी आईआईटी गेट बस स्टैंड पर उतर गया था. छात्रा का आरोप है कि आरोपी ने उसके निजी अंग को भी छुआ था.

पीड़िता ने बताया कि वह हर दिन की तरह बीते 7 फरवरी को वसंत गांव से क्लस्टर बस रूट नंबर 774 में सवार हुई थी. छात्रा अगले गेट से सवार हुई और दूसरे नंबर की सीट पर बैठ गई. 45 साल का एक व्यक्ति उस सीट पर बगल में बैठ गया. चंद मिनट बाद वह उसके निजी अंग को छूने लगा. उसके सामने ही मास्टरबेट करने लगा.

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कोई मददगार नही

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रा बस में आरोपी के ऐसा करने का विरोध करती रही और अन्य यात्रियों से मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन कोई आगे नहीं आया. उसने चिल्लाकर अन्य यात्रियों से मदद के लिए कहा था, लेकिन किसी यात्री ने सहायता नहीं की.

बहादुर छात्रा ने आरोपी की अश्लील हरकत को अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया. इतना ही नहीं उसने इस वीडियो को ट्विटर पर भी अपलोड कर दिया. इसके बाद उसने इस घटना की जानकारी अपने दोस्तों को दी.

प्रशासन भी बेखबर

हैरानी की बात यह है कि इस वीडियो को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली पुलिस, पुलिस आयुक्त, महिला आयोग को ट्विटर पर टैग किया गया था, लेकिन महिला आयोग के अलावा किसी अन्य ने पीड़िता से तीन दिनों तक संपर्क नहीं किया. महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद वसंत विहार थाना में इस बाबत केस दर्ज हुआ है.