NEET-UG 2026: छात्रों की सुविधा के लिए पीएम मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट तक रोका अपना काफिला
21 जून 2026 को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान छात्रों को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अपना काफिला 45 मिनट तक रोके रखा। बंगाल दौरे से लौटे पीएम परीक्षा शुरू होने के बाद ही आवास के लिए रवाना हुए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच यह परीक्षा संपन्न कराई।
नई दिल्ली: देशभर में 21 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा के दिन एक अहम प्रशासनिक और सार्वजनिक पहल देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने में सुविधा देने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर अपना काफिला 45 मिनट तक रोके रखा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लाखों छात्र-छात्राएं बिना किसी ट्रैफिक जाम या असुविधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
बंगाल दौरे से वापसी और छात्रों को प्राथमिकता
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना बंगाल दौरा समाप्त करने के बाद दोपहर 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। दूसरी ओर, देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) दोपहर 2:00 बजे से शुरू होने वाली थी। इस समयावधि में लाखों अभ्यर्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। ऐसे में प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के कारण सड़कों पर लगने वाले संभावित जाम और सुरक्षा प्रोटोकॉल से छात्रों को बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया।
एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने आम जनमानस और विशेषकर परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने आवास की ओर जाने में 45 मिनट की देरी की। जब दोपहर 2:00 बजे परीक्षा विधिवत रूप से शुरू हो गई और छात्रों की आवाजाही सड़कों पर कम हो गई, उसके बाद ही प्रधानमंत्री का काफिला एयरपोर्ट से उनके आवास के लिए रवाना हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स में इस पहल को बेहद 'संवेदनशील' बताया गया है, जहां दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री ने अपने तय प्रोटोकॉल की जगह छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता दी।
NEET-UG 2026 री-एग्जाम: सुरक्षा और प्रशासनिक कवायद
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस पुनर्परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक कवायद की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ विदेशों में स्थित 14 केंद्रों पर भी आयोजित की गई।
परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में मामूली भिन्नता है; एक रिपोर्ट में लगभग 23 लाख से अधिक छात्रों के शामिल होने की बात कही गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा 22.79 लाख है। परीक्षा की अवधि 3 घंटा 15 मिनट निर्धारित की गई थी, जो सामान्य से 15 मिनट अतिरिक्त थी। यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चली।
परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए थे। कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और इलेक्ट्रॉनिक संचार को बाधित करने के लिए 51,311 जैमर उपकरण तैनात किए गए। इसके अलावा, आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था भी लागू की गई। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 2 लाख से अधिक कर्मचारी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस बलों, अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन से भी निगरानी की गई।
परीक्षा रद्द होने से लेकर पुनर्परीक्षा तक का घटनाक्रम
गौरतलब है कि 21 जून 2026 को हुई यह परीक्षा एक पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) थी। इससे पहले आयोजित की गई मूल परीक्षा को लेकर देश भर में भारी सियासी हलचल और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। इस पूरे मामले का घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
- 3 मई 2026: देशभर में NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा आयोजित की गई थी।
- 12 मई 2026: पेपर लीक की गंभीर खबरों, छात्रों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
- 15 मई 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले का संज्ञान लेते हुए 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) आयोजित करने की आधिकारिक घोषणा की।
- 21 जून 2026: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और नई प्रशासनिक रूपरेखा के बीच यह पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जहां एक ओर सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर शीर्ष स्तर पर छात्रों की आवाजाही को सुगम बनाने के प्रयास भी दिखाई दिए।



