चीन का बड़ा दांव: बीजिंग बन रहा ह्यूमनॉइड रोबोट का नया वैश्विक केंद्र
चीन की राजधानी बीजिंग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स की दुनिया में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है, जिसका लक्ष्य इसे ह्यूमनॉइड रोबोट क्रांति का केंद्र बनाना है। समाचार एजेंसी IANS की…
चीन की राजधानी बीजिंग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स की दुनिया में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है, जिसका लक्ष्य इसे ह्यूमनॉइड रोबोट क्रांति का केंद्र बनाना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब जोर केवल औद्योगिक रोबोट बनाने पर नहीं, बल्कि ऐसे मानवाकार रोबोट विकसित करने पर है जो इंसानों की तरह सोच, सीख और वास्तविक दुनिया के अलग-अलग हालात में काम कर सकें।
इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने के लिए बीजिंग में अनुसंधान, प्रशिक्षण, निर्माण और व्यावसायिक उपयोग का एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर इन बुद्धिमान रोबोटों को वास्तविक दुनिया में उतारना है।
वास्तविक दुनिया जैसा प्रशिक्षण
इस पहल के केंद्र में बीजिंग स्थित ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स इनोवेशन सेंटर का प्रशिक्षण आधार है। यहां रोबोट्स को प्रशिक्षित करने के लिए घर, सुपरमार्केट, दफ्तर, अस्पताल और औद्योगिक इकाइयों जैसे असली माहौल तैयार किए गए हैं। रोबोट्स को रोज़मर्रा के काम, जैसे सामान उठाना और सही जगह पर रखना, सिखाया जाता है।
प्रशिक्षण की खास बात यह है कि इसमें वस्तुओं की स्थिति और क्रम को लगातार बदला जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रोबोट केवल एक प्रक्रिया को रटें नहीं, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों में खुद निर्णय लेना भी सीखें।
डेटा संग्रह और उत्पादन की चुनौती
विशेषज्ञों के मुताबिक, ह्यूमनॉइड रोबोट के विकास में सबसे बड़ी चुनौती उच्च गुणवत्ता वाले वास्तविक दुनिया के डेटा को इकट्ठा करना है। जहाँ बड़े भाषा मॉडल (LLMs) इंटरनेट के विशाल टेक्स्ट डेटा से सीखते हैं, वहीं रोबोट को भौतिक दुनिया में वस्तुओं और माहौल के साथ संवाद करना सीखना पड़ता है। इसी ज़रूरत को पूरा करने के लिए प्रशिक्षण केंद्र हर दिन सैकड़ों घंटे का डेटा तैयार कर रहा है।
अनुसंधान के साथ-साथ बीजिंग बड़े पैमाने पर ह्यूमनॉइड रोबोट के उत्पादन की ओर भी बढ़ रहा है। हाल ही में शुरू हुई एक नई सुपर फैक्ट्री विभिन्न रोबोट कंपनियों को निर्माण, असेंबली और परीक्षण सेवाएं प्रदान कर रही है। शुरुआती दौर में इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता दस हजार रोबोट है, जिसे भविष्य में कई गुना बढ़ाने की योजना है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर उत्पादन से रोबोट की कीमतें घटेंगी और उनका व्यावसायिक उपयोग बढ़ेगा।
इनपुट: IANS



